जिले में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। दोपहर में गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। शुक्रवार को तीन सेमी प्रति घंटे पानी बढ़ता रहा। जिससे तटवर्ती गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है। एक दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां सड़कों पर पानी बहने से गांव से संपर्क टूटने लगा है। बाढ़ से घिरे गांव के लोग घर छोड़ने की तैयारी करने लगे हैं। जिलाधिकारी ने दोपहर में बाढ़ग्रस्त इलाकों का भ्रमण कर स्थिति का अवलोकन किया।
पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी है। शुक्रवार की भोर में ही गंगा का पानी खतरे के निशान 71.26 मीटर को पार कर गया। इसके बाद भी गंगा के बढ़ाव जारी रहा। दोपहर बारह बजे तक गंगा का जल स्तर निशान के 26 सेंमी ऊपर 71.52 सेमी तक पहुंच गया। इससे एक दर्जन गांव ऐसे हैं, जिसके संपर्क मार्ग पर पानी आ गया है। मुगलसराय-चहनियां मार्ग पर कुरहना, कैली के समीप मुख्य मार्ग पर घुटने भर पानी हो गया है। इससे वाहनों को आवागमन में परेशानी हो रही है। नियामताबाद विकास खंड के कुंडा खुर्द, बिसौरी, बहादुरपुर, करवत, डांडी आदि गांव के सिवान गंगा के पानी में डूब गए हैं। मवैया गांव के संपर्क मार्ग पर पानी जमा होने से नाव का संचालन शुरू किया गया है। दोपहर में तहसीलदार मुगलसराय सुनील श्रीवास्तव ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
बताया कि बाढ के मद्देनजर बहादुरपुर, दुलहीपुर, जलीलपुर, कठौरी और पांडेयपुर में पांच बाढ़ चौकियां बनायी गई है। क्षेत्र के भैयालाल यादव ने कहा कि जिस हिसाब से गंगा बढ़ रही हैं, उससे दो दिन ही में पड़ाव भूपौली मार्ग पर भी पानी बहने लगेगा। नियामताबाद के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि शासन स्तर से बाढ़ पर नजर रखी जा रही है।