समेकित बाल विकास सेवा योजना की समीक्षा बैठक सोमवार को विकास भवन सभागार में हुई। इस दौरान सीडीओ ने अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी व्यक्त की और जिला कार्यक्रम अधिकारी को ऐसे लापरवाह अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने को कहा। कहा कि अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए गांव में विकास, बच्चों के स्वास्थ्य एवं पुष्टाहार वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
मुख्य विकास अधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शून्य से छह वर्ष के बच्चों को हॉट कुक्ड, हेल्थ चेकअप, अति कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी की जांच, कुपोषण को दूर करने हेतु समय-समय से जांच कर दवाइयां उपलब्ध करायी जाय।
जिससे जन्म लेने वाला बच्चा कुपोषण मुक्त हो सके। इस दौरान उन्होंने चकिया, शहाबगंज, नौगढ़ के बाल विकास परियोजना अधिकारियों की गलत रिपोर्टिंग पर नाराजगी व्यक्त की। उनके कार्यालय समय से न जाने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण में लापरवाही बरतने को संज्ञान में लेते हुए आदेश दिया कि जनपदस्तरीय अधिकारियों द्वारा जिन गांवों को गोद लिया गया है उनमें उन गांवों में स्वास्थ्य शिविर, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें और स्वयं समय से उपस्थित रहें।