पीडीडीयू नगर। शहर के प्रमुख प्रवेश और निकासी मार्ग जीटीआर ब्रिज के आसपास का बदहाल इलाका अब जल्द ही हरियाली और सौंदर्यीकरण का उदाहरण बनेगा। जहां अब तक कूड़े के ढेर, झाड़-झंखाड़ और मरे हुए जानवरों के सड़े शवों की दुर्गंध के कारण लोगों का उधर से गुजर पाना मुश्किल होता था, वहीं अब नगर पालिका की पहल पर यह क्षेत्र हरा-भरा और आकर्षक रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे के साथ सहमति बनने के बाद यहां पार्क, पौधरोपण और वर्टिकल गार्डेन की योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
जीटीआर ब्रिज चंदौली और पीडीडीयू नगर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इससे रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। यह क्षेत्र शहर में आने-जाने वाले लोगों के लिए पहला दृश्य प्रस्तुत करता है, लेकिन वर्षों से यहां व्याप्त गंदगी, कूड़े के अंबार और मरे जानवरों के शवों से उठने वाले दुर्गंध ने इसकी छवि को धूमिल कर रखा था। यार्ड एरिया होने के कारण रेलवे की भूमि पर नियमित सफाई नहीं हो पाती थी, जिससे हालात और खराब होते गए। नगर पालिका ने अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है। योजना के तहत जीटीआर ब्रिज पर चढ़ते ही बाईं ओर के खाली क्षेत्र में घास, सजावटी पौधे और वृक्ष लगाए जाएंगे, ताकि पूरा इलाका हरियाली से आच्छादित हो सके। वहीं ब्रिज के नीचे खाली पड़ी भूमि को विकसित कर सुंदर पार्क बनाया जाएगा, जहां लोग सुकून के पल बिता सकेंगे। इसके साथ ही ब्रिज के दाईं ओर तारबंदी कर वर्टिकल गार्डेन विकसित किया जाएगा, जो न सिर्फ क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होगा। इस पूरी योजना की देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पालिका के पास ही रहेगी। बताया जा रहा है कि नगर पालिका और रेलवे अधिकारियों के बीच इस योजना को लेकर सहमति बन चुकी है और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जैसे ही औपचारिकताएं पूरी होंगी, कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ गंदगी और दुर्गंध से राहत मिलेगी, बल्कि शहर की सुंदरता में भी इजाफा होगा। साथ ही यह स्थान शहर की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करेगा। नगर पालिका की चेयरमैन सोनू किन्नर का कहना है कि जीटीआर ब्रिज शहर में प्रवेश और निकासी का महत्वपूर्ण स्थान है। शहर को सुंदर बनाने के क्रम में इसे हरियाली वाले क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्टिकल गार्डन भी स्थापित किया जाएगा। इसके लिए रेलवे के साथ सहमति बन चुकी है।