ंदवा क्षेत्र में धूंध के दौरान लाइट जलाकर चलते वाहन। संवाद
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पीडीडीयू नगर। ठंड के साथ अब कोहरे का कहर भी बढ़ गया है। ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है। कोहरे की वहज से आगे बहुत कम दिखाई देता है। ऐसे में तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग जैसी असवाधानी किसी की जिंदगी तक छीन सकती है। वाहनों पर फॉग लैंप, बीम लाइट और रिफ्लेक्टर जरूर लगवा लेनी चाहिए। दिल्ली में बढ़े स्मॉग का कहर पूर्वांचल में काफी पहले से पहुंच चुका है। ठंड के बाद अब कोहरा भी छाने लगा है। सुबह छह बजे से पहले 10 मीटर आगे की सड़क दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में वाहन चालकों को दिक्कतें आ रही हैं। आगे रास्ता नहीं दिख पाने से वे अंदाजन गाड़ी चलाते हैं। अगर गाड़ी की गति धीमी है तो ठीक पर तेज रफ्तार होगी तो दुर्घटना का शिकार हो सकता है। कोहरे में हादसों से बचने के लिए वाहनों पर फॉग लैंप, बीम लाइट, रिफ्लेक्टर लगाना जरूरी है। जांच में अधिकांश वाहनों पर यह उपकरण लगे नहीं मिल रहे हैं। कोहरा शुरू हो चुका है, इसलिए सावधानी बरतते हुए वाहन चलाना जरूरी है। इंडिकेटर जलाकर चलें। आगे वाले वाहन पर ध्यान रखे ताकि हादसे से बचा सके। गलत ओवरटेकिंग से बचना चाहिए क्योंकि रात में अधिकांश तौर पर सड़कें खाली होती हैं। कुछ हाइवे पर वाहनों की संख्या ज्यादा हैं। खाली सड़क देखकर कोहरे के समय वाहन को दौड़ाना नहीं चाहिए। इन हालातों में जल्दबाजी या गलत तरीके बाएं से ओवरटेकिंग बिल्कुल न करें। रात के समय भी वाहन चलाते समय सावधानी बेहद जरूरी है।