पीडीडीयू नगर। पूर्व सांसद रामकिशुन ने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों के हित की बात करती है तो वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ काला कानून भी बनाती है। जब से भाजपा की सरकार केंद्र व प्रदेश में बनी है तब से समाज का हर वर्ग पूरी तरह से परेशान है। नया कानून बनाकर सरकार कुछ मुट्ठी भर लोगों को फायदा पहुंचाना चाहती है। रविवार को सपा कार्यालय पर आयोजित किसान सभा में पूर्व सांसद रामकिशुन यादव बोल रहे थे।
केंद्र सरकार की ओर से बनाई गई नई किसान नीति का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि कानून के विरोध के लिए जिले के किसान अब एकजुट होने लगे हैं। नए कृषि कानून के लागू हो जाने से देश की कृषि व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। कहा कि सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य अनिवार्य रूप से लागू हो ताकि कोई भी किसान समर्थन मूल्य से कम अपनी उपज की बिक्री न करे। आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ धर्म और जाति के नाम पर राजनीति कर रही है। इस सरकार की नीतियां किसानों, महिलाओं, गरीबों, मजदूरों, नौजवानों, बेरोजगारों, छात्रों के खिलाफ है। श्रम कानून में संशोधन कर मजदूर विरोधी नीति बना दी है। इसका सीधा फायदा पूंजीपतियों को होगा। इस कानून के लागू हो जाने से पशुपालन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इस मौके पर जसवंत यादव, रामचंद्र पांडेय, बनवारी यादव, अंबिका सिंह, रविंद्र सिंह, नागेंद्र सिंह, रामआसरे मौर्य, जयनाथ सिंह, रामवचन सिंह, पवन, विनय मिश्रा, नंदलाल मिश्रा, सुदर्शन पटेल, राणा पटेल, मार्कंडेय बिंद मौजूद रहे।