चंदौली। सेंटर आफ ट्रेड यूनियन के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को भी कर्मचारी कार्य से विरत रहे। बैंक शाखाओं के ताले नहीं खुले। जबकि रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। यहां तक कि दोपहर के वक्त व्यस्त रहने वाला हाइवे भी पूरी तरह से सुनसान नजर आया। हड़ताल से यात्रियों और आमजन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन मुख्यालय पर जुलूस, धरना-प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। हालांकि विभिन्न संगठनों ने बैठक कर हड़ताल का समर्थन जरूर किया।
महंगाई कम करने, श्रम कानून को कड़ाई से पालने कराने और जनविरोधी निर्णयों को वापस लेने के लिए 11 ट्रेड यूनियन से जुड़े कर्मचारी दो दिनों से राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। पहले दिन जहां धरना-प्रदर्शन और जुलूस का क्रम पूरे दिन चला। हड़ताल के कारण रोडवेज बसों के पहिए दूसरे दिन भी जाम रहे। डाकघर और बैंक शाखाओं पर ताले लटकते रहे। दूसरे दिन भी हड़ताल का व्यापक असर जिले में देखने को मिला। कार्यालयों में कामकाज जहां ठप रहा, वहीं बसों का संचालन नहीं होने से यात्री भी परेशान रहे। सिविल बार एसोसिएशन ने बैठक कर हड़ताल का समर्थन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता मुरलीधर सिंह ने कहा यूपीए सरकार देश की संप्रभुता के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह किसान और मजदूर विरोधी है। श्रम करने वाले समाज के लोग उपेक्षित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर राकेश रत्न तिवारी, कृष्ण मोहन चतुर्वेदी, कामता यादव, मनोज कुमार सिंह, विजय कुमार श्रीवास्तव, निशात अख्तर, शैलेश प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता धर्मेंद्र सिंह और संचालन अरुण कुमार सिंह ने किया। दूसरी ओर उप्र शिक्षक संघ नवीन ने भी हड़ताल का समर्थन किया। शिक्षकों ने कहा कि सरकार औद्योगिक घरानों की कठपुतली बनकर रह गई है। मजदूर वर्ग का हित मारा जा रहा है। इस अवसर पर अजय कुमार झा, अशोक कुमार, डा. राजकुमार मिश्र, अर्पणा सिंह, दीपचंद्र प्रजापति, मनीष, चंद्रशेखर सिंह, ओमप्रकाश सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन मुकेश चौबे ने किया।
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डाकघर परिसर में हुआ क्रिकेट
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चंदौली। हड़ताल से मुख्यालय स्थित डाकघर में दूसरे दिन ताला लटकता रहा। इससे दूरदराज क्षेत्र से आने वाले लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कोई रजिस्ट्री कराने के लिए डाकघर के बाहर मंडरा रहा था, तो कोई स्पीड पोस्ट करने के लिए आया हुआ था। इतना ही नहीं डाकघर बंद होने से सबसे अधिक छात्र परेशान दिखे। किसी को पालीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के फार्म लेने थे, तो कोई उसको जमा करने के लिए यहां आया था। दूसरी ओर डाकघर के कर्मचारियों ने हड़ताल का भरपूर लुत्फ उठाया। मुख्य गेट पर ताला जड़कर कर्मचारियों ने परिसर में क्रिकेट का आनंद लिया।
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दो दिन में दो अरब का लेनदेन प्रभावित
चंदौली। हड़ताल के कारण जिले में विभिन्न बैंकों की 122 शाखाएं दो दिन तक बंद रहीं। इसके चलते उपभोक्ताओं को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। खासकर वे लोग ज्यादा परेशान दिखे, जो बैंकों में जमा धन की निकासी के लिए शाखा पर आए थे। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को हड़ताल की जानकारी नहीं थी। अग्रणी जिला प्रबंधक कार्यालय के सहायक प्रबंधक विकास उपाध्याय ने बताया कि दो दिनों की हड़ताल के चलते जिले में करीब दो अरब रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। दो दिनों की बंदी के बाद शुक्रवार को बैंक शाखाओं पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ होने की पूरी संभावना है।
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डाककर्मियों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूं का
बबुरी। हड़ताल के दूसरे दिन बबुरी क्षेत्र के सभी बैंक और डाकघर बंद रहे। जिसके चलते व्यापारियोें को परेशानी हुई। बबुरी कसबा स्थित डाकघर पर एकत्र कर्मचारियों ने गुरुवार को मांग के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पुतला फूंका। हड़ताल में शामिल ग्रामीण डाक सेवकों की मुख्य मांग रही कि ग्रामीण डाक सेवकों सहित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन भत्ते के निर्धारण हेतु सातवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। सभी उद्देश्यों के लिए 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते का विलय वेतन में किया जाए। इस प्रक्रिया में सभी ग्रामीण डाक सेवकों को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा ग्रामीण डाक सेवकोें को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले। बोनस की सीमा 2500 से बढ़ाकर 3500 किया जाए। हड़ताल का नेतृत्व उत्तर प्रदेश नेशनल यूनियन ग्रामीण सेवक संग पूर्वी मंडल वाराणसी के सहायक सचिव चंद्रशेखर दूबे ने किया। हड़ताल में उप डाकपाल काशीराम, रजनीश यादव, बब्बन गुप्ता, बनारसी मौर्य, नामवर सिंह, दीनदयाल मौर्य, ब्रिज मोहन दीक्षित, दीपक सिंह, फूलपत्ती, माधुरी सिंह, नन्दा यादव, सुदामा यादव, कमरूद्दीन आदि शामिल रहे।