मुगलसराय। नगर के हनुमानपुर मोहल्ले में बृहस्पतिवार को उस समय भैयादूज की रंगत फीकी हो गई, जब घर के सामने नव निर्मित बरामदा का सिलाप ढहने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। अकस्मात घटी इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्ट मार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया।
नगर के वार्ड नंबर दो हनुमानपुर निवासी रामा यादव ने अपने मकान के समीप बरामदा बनवाया था। बताते हैं कि एक पखवारे पूर्व उसका सिलाप ढला था। बृहस्पतिवार की सुबह लगभग नौ बजे रामा यादव का बड़ा पुत्र संतोष 26 वर्ष नव निर्माणाधीन बरामदे के सिलाप में लगे बल्ली और पटरों को निकाल रहा था। अभी उसने कुछ बल्ली को खोला ही था कि भरभरा कर पूरी छत ढह गई और संतोष उसके नीचे आ गया। अकस्मात तेज आवाज से बरामद ढहने की खबर सुन आस पास के लोग दौड़ पडे़ घर की महिलाएं जब बाहर आई तो देखा कि पूरी छत जमीन पर आ चुकी है और संतोष का कहीं पता नहीं है। इसके बाद तो घर में कोहराम मच गया। तत्काल लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने ग्रामीणों के मदद से छत को हटाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाई तब जेसीबी मंगाकर जमींदोज छत के मलबा को हटाया गया तो अंदर संतोष पड़ा था। जिसे तत्काल एक निजी चिकित्सालय पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चार भाइयों में सबसे बड़े संतोष का अभी तीन वर्ष पूर्व ही गौना हुआ था। बेटे की मौत की खबर से जहां पिता रामा यादव व मां का बुरा हाल था तो वहीं पत्नी चंचल भी बेसुध हो गई थी। मोहल्ले में भैयादूज पर गोधना की तैयारी भी फीकी हो गई। हर तरह शोक की लहर दौड़ पड़ी।
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भगवान ने नहीं सुनी बहन की
भाई के दीर्घायु होने के लिए श्राप भी नहीं पाई थी बहन सोनी की उसी नीम के पेड़ के समीप नव निर्माणाधीन बरामदे के मलबे में भाई की लाश देख सन्न रह गई। दरअसल रामा यादव के घर के सामने नीम के पेड़ के नीचे ही गोधना कूटने की तैयारी चल रही थी। हर वर्ष यही महिलाएं एकत्रित होकर अपने अपने भाई के दीर्घायु के लिए परंपरागत ढंग से भैयादूज पर गोधना कूटती थी। बृहस्पतिवार को भी कुछ महिलाएं नीम के पेड़ के नीचे गोबर से गोधन बनाने की तैयारी कर रही थीं तभी अकस्मात काल बनकर गिरे छत के मलबे में भैयादूज पर ही एक बहन के भाई की दर्दनाक मौत हो गई। बताते हैं बडे़ की मौत के बाद से घर में सबसे छोटी बहन सोनी का रो रो कर बुरा हाल था। इस घटना के बाद से मोहल्ले के लोग स्तब्ध और किंकर्तव्यविमूढ़ दिखे। हर तरफ शोक की लहर व्याप्त थी।