धानापुर। क्षेत्र के प्रसहटा गांव निवासी अवधेश राम के घर में बीती रात एक ही कमरे में सो रही चार सगी बहनों के लिए एक नागिन काल बनकर आ गई और एक के बाद एक कर के तीन बहनों को डंस लिया। जब तक लोग तीनों बहनों को अस्पताल पहुंचाते तब तक दो की मौत हो चुकी थी। हालांकि लाली चिकित्सकीय उपचार के बाद बच गई। उधर घटना की खबर लगते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। सांप काटने की खबर पाकर मौके पर पहुंचे एक सपेरे ने घर के अंदर से नागिन को पकड़ा। समझा जाता है कि नींद में सोने के दौरान घर के कमरे में घुसी नागिन के ऊपर किसी लड़की का पैर लग गया होगा, इसके बाद तो बौखलाई नागिन ने एक एक कर तीन बहनों को अपना निशाना बना दिया। क्षेत्र में पहली बार एक साथ तीन बहनों को नागिन के डंसने की खबर से हर किसी में भय का माहौल बना हुआ है।
प्रसहटा गांव निवासी रामअवध राम का परिवार रात में खाना खाने के बाद सो गया। जिसमें अवधेश की पत्नी मराछी देवी गरीबी के कारण जमीन पर ही बिस्तर बिछा कर अपनी चार पुत्रियों अलका 16, लाली 12, अनुराधा 08 तथा काजल 5 वर्ष के साथ सो गई। इसी बीच किसी समय नागिन कमरे में सो रही बहनों के समीप पहुंच गई। बेसुध सो रही तीनों बहनों में छोटी बहन लाली को जब नागिन ने काटा तो उसकी नींद खुल गई। कमरे में नागिन को देख वह चीख पड़ी। उसकी आवाज सुनकर जब घर के लोग दौड़े तो आहट पाकर नागिन वहां से भाग निकली। लाली के चीखने चिल्लाने पर घबरा के जब परिजन उठे तो देखा कि लाली के पैर में सर्प के काटने का निशान है। अन्य बहनों के जगाने पर अनुराधा और काजल नहीं जगी और दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। यह देख परिजन जोर जोर से चिल्लाने लगे। चीख पुकार सुन कर काफी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और आनन फानन में सकलडीहा एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए जहां चिकित्सक ने दो बहनों अनुराधा व काजल को मृत घोषित कर दिया और लाली का इलाज शुरू किया जिससे उसकी जान बच गई। दो बहनों की सांप काटने से मौत की खबर से पूरे गांव में कोहराम मच गया। बताते हैं कि इस बीच सांप काटने की खबर पर गांव का ही सपेरा नंदलाल मौके पर पहुंच गया और घर में मौजूद नागिन को बाहर निकाला जिसे देख लोग सन्न रह गए। प्रात: दोनों मृतकों को गंगा में प्रवाहित कर दिया गया।