चंदौली। मिड-डे मील रसोइयां कर्मचारी यूनियन जिला इकाई के तत्वावधान में जिले के रसोइयों ने शनिवार को नगर में जुलूस निकालकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। जुलूस सदर विकास खंड कार्यालय से निकलकर नगर का भ्रमण करते हुए बबुरी रोड पहुंच सम्मेलन में बदल गया। सम्मेलन के दौरान रसोइयों ने शासन और जिला प्रशासन को कोसा और अपनी भड़ास निकाली। जिले और प्रदेश स्तर पर होने वाले धरना, प्रदर्शन और सम्मेलन के बाबत मंथन किया।
इस दौरान जिला संयोजक रामप्यारे यादव ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में भोजन बनाने वाली रसोइयों के साथ शासन और प्रशासन की और हमेशा भेदभाव किया जाता है। एक तो उन्हें कम मानदेय मिलता है उसपर भी समय से धन का भुगतान भी समय से नहीं किया जाता है। कहा कि सभी विकास खंड में स्थिति रसोइयों की स्थिति दयनीय है। इसके लिए हम सभी को आज संगठित होकर अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करने की जरूरत है। किसी भी स्कूल में कोई बुनियादी व्यवस्था नहीं है रसोइयों की सुविधाओं को देखते हुए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। मिड-डे-मील के तहत कार्य करने वाली रसोइयों के मानदेय दस हजार किए जाए और 12 महीनें के मानदेय दिए जाए। जिससे रसोइयों की माली हालत में सुधार आ सके। यही नहीं रसोइयों की छटनी तत्काल बंद करें सहित तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर गुलाब चंद्र, चंद्रकला देवी, कलावती, तारा, लक्ष्मीना, गुंजा देवी, भागवती देवी, शांति देवी, शकुंतला देवी आदि उपस्थित रही।