चंदौली। परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन के स्तर में सुधार लाने के लिए शिक्षा का हक अभियान के तहत एक नई कवायद शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक विकास खंडों में दस-दस शिक्षा दलों का गठन किया जाएगा, जो प्रत्येक माह अपने एनपीआरसी के तहत आने वाले बीस विद्यालयों का निरीक्षण कर इसकी आख्या जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला वर्किगिं ग्रुप को उपलब्ध कराएंगे।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत शुरू की गई इस योजना पर नजर डालें तो ब्लाक स्तर पर संबंधित एबीएसए की अध्यक्षता में गठित समिति को शिक्षा दल के गठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक दल में तीन सदस्य होंगे। ये सदस्य स्थानीय नागरिक भी हो सकते हैं या किसा समाजसेवी संस्था के सदस्य भी। महिलाओं को भी वरीयता के साथ इस दल में शामिल करने का प्रावधान है। बहरहाल प्रत्येक विकास खंड में दस-दस शिक्षा दलों का गठन किया जाएगा जो अपने-अपने क्षेत्र के 20 विद्यालयों का प्रतिमाह निरीक्षण कर खामियों से जिला स्तर पर गठित वर्किगिं ग्रुप को अवगत कराएंगे। वर्किगिं ग्रुप के अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे तो बीएसए सचिव की भूमिका में रहेंगे। इसके अतिरिक्त सदस्य के रूप में एनजीओ के सदस्य, महाविद्यालयों के शिक्षक भी जुड़े रहेंगे। शिक्षा दल से प्राप्त आख्या के आधार पर वर्किगिं ग्रुप कोई भी विधिक कार्रवाई करेगा। इस संबंध में जिला समन्वयक सहभागिता प्रतिभा गोस्वामी ने बताया कि ब्लाक स्तर पर शिक्षा दल के गठन के लिए एबीएसए को निर्देशित किया जा चुका है।