सकलडीहा। स्थानीय तहसील में बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्त्रस्वार की अपराह्न एक बजे बार काउसिंलिग आफ उत्तर प्रदेश के निर्देश पर प्रदेश सरकार के खिलाफ मौन जुलूस निकाल कर विरोध प्रकट किया। जुलूस का नेतृृत्व करते हुए महामंत्री भूपेन्द्र नारायण सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार चुनावी मुद्दे में अधिवक्ताओं के लिए कुछ घोषणाएं की थी। लेकिन जब बार काउसिलिंग ने उत्तर प्रदेश सरकार के सामने प्रस्ताव रखा तो वह उसे मानने से इंकार कर दिया। जिससे यह साफ हो गया कि सूबे की सरकार अधिवक्ताओं के साथ पक्षपात कर रही है। श्री सिंह ने यह भी कहा कि सकलडीहा तहसील को बनें कई वर्ष बीत गए लेकिन यहंा पर मुसिंफी कोर्ट के लिए अधिवक्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। उसके बाद भी न तो सरकार को जनता की फिक्त्रस् है न ही अधिवक्ता हित की। अधिवक्ताओं ने अपने मौन जुलूस में बांह पर काली पटृी बांध कई तरह के स्लोगन लेकर पूरे तहसील का भ्रमण करते हुए विरोध प्रकट किया। इस दौरान सच्चिदानंद सिंह, शिवकुमार सिंह, दिनेश सिंह, जयप्रकाश यादव, श्यामजी प्रसाद, राजीव यादव, रमाशंकर खरवार, प्रभुनाथ पाठक, आनन्द सिंह, सुबास सिंह, जगदीश राय व बब्बन सिंह सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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तहसीलदार के स्थानांतरण को लेकर नारेबाजी
चकिया। बार कौंसिल आफ उप्र के निर्देश पर शुक्रवार को चकिया बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने मौन जुलूस निकाल गया। जुलूस के दौरान तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग को लेकर वकीलों ने नारेबाजी की भी की।
जुलूस के पूर्व अधिवक्ताओं ने बार के अध्यक्ष श्यामनारायण सिंह की अध्यक्षता में बैठक की एवं अधिवक्ताओं के हित में प्रदेश सरकार द्वारा की गई घोषणाओं को पूर्ण न करने पर रोष जताया है एवं वकीलों पर बढ़ रहे हमलों एवं न्यायालयों की सुरक्षा को चिंता प्रकट की। बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के निलंबन में देरी करने एवं उपजिलाधिकारी के ढुलमुल रवैये की भी निंदा की गई। बैठक के बाद वकीलों ने जुलूस निकाला एवं तहसीलदार की निलंबन की मांग करते हुए नगर भ्रमण किया। जुलूस में शंभूनाथ सिंह, भैयालाल सिंह, प्रदीप नारायण सिंह, जयप्रकाश, वशिष्ट मौर्य, उमाशंकर सिंह, कमलेश लाल, जावेद, तेजवंत एवं आनंद सिंह सहित तमाम वकील मौजूद रहे।