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तहसील दिवस की शिकायतों की बनाएं रिंग फाइल

Wed, 03 Sep 2014 05:30 AM IST
Chandauli
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चकिया। तहसील दिवस में आए वाराणसी मंडल के आयुक्त राजेंद्र मोहन श्रीवास्तव ने तहसील दिवस की शिकायतों एवं निस्तारण को ई-मेल पर अपडेट करने के निर्देश दिए।
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कमिशभनर ने कहा कि रजिस्टर की जगह हर विभाग की रिंग फाइल बनाकर कम्प्यूटर पर रखा जाय, ताकि शिकायतों की संख्या के साथ ही शिकायतों के निस्तारण की पूरी सूचना तत्काल प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रिंट आउट निकालकर विभागों को उपलब्ध कराई जाय। साथ ही तहसील दिवस में आने वाले हर विभाग का नेम प्लेट बनाया जाय, ताकि फरियादी को उस अधिकारी से मिलने में सहूलियत मिले। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों का जुड़ाव सरकारी एवं निजी कम्प्यूटर से है इसलिए शिकायतों एवं निस्तारण को वे अपने ई-मेल पर रखें। न्यायालय में लंबित मामले तहसील दिवस का विषय नहीं है। उन्होंने दफा 41 के मामलों को भी तहसील दिवस से दूर रखने को कहा। मंडलायुक्त ने बीआरजीएफ की धनराशि के उपयोग में सड़क और नाली के साथ ही बिजली पानी को भी समाहित किया जाए। उन्होंने सभी को लोकवाणी से जुड़ी 26 सेवाओं से जोड़ने का भी मातहत अधिकारियों को निर्देश दिया।
कमिशभनर के फरमान से फरियादी हैरान
फारियादियों को संबंधित अधिकारियों के पास जाने का दिया निर्देश
फरियादियों ने प्रार्थना पत्र फाड़कर जताई नाराजगी चकिया। तहसील सभागार में मंगलवार को आयोजित जिलास्तरीय तहसील दिवस कमिशभनर राजेंद्र मोहन श्रीवास्तव के आने के बाद पूरी तरह अव्यवस्थाओं का शिकार हो गया। कमिशभनर ने फरियादियों को अपने पास नहीं आने दिया, बल्कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के पास जाने का फरमान जारी कर दिया जिससे तहसील दिवस का संचालन कर रहे अधिकारियों की स्थिति असहज हो गई और फरियादी भी हैरान रह गए।
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मंगलवार को तहसील दिवस एडीएम रामशंकर द्विवेदी के संचालन में परंपरागत ढंग से संचालित हो रहा था एवं फरियादियों की लंबी लाइन तहसील सभागार में लगी हुई थी। लेकिन 11:40 मिनट पर सभागार में डीआईजी एसके भगत के साथ पहुंचे कमिशभनर ने फरियादियों को संबंधित विभागीय अधिकारियों के पास जाने का फरमान जारी कर दिया। जिससे कमिशभनर से मिलकर अपनी समस्या सुनाने के लिए आतुर फरियादियों की अरमान धरी की धरी रह गई। इसी बीच कमिशभनर के आदेश के मुताबिक एसडीएम बसंतलाल गुप्ता, तहसीलदार प्रबलशील बरनवाल, नायब तहसीलदार राजाराम के साथ विभिन्न थानां के पुलिस अधिकारियों ने फरियादियों को तहसील सभागार के बाहर करना आरंभ कर दिया। जिससे तहसील दिवस में अफरा तफरी मच गई। इसी दौरान वायस ऑफ पीपुल के जिला सचिव नंदलाल ने विरोध करते हुए सभागार के बीच आकर प्रार्थना पत्र फाड़कर अपनी नाराजगी जाहिर की। वे आईसीडीएस की सुविधाओं के बाबत कमिशभनर से शिकायत करना चाहते थे। उधर तहसील दिवस में मौजूद अधिकारियों के सामने उनके पद एवं नाम की पट्टिका न होने से कई फरियादी परेशान होकर वापस लौट गए जिससे तहसील दिवस मजाक बनकर रह गया। तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी बसंत लाल गुप्ता, सीएमओ डा. आरएन सिंह, एएसपी आपरेशन आशुतोष शुक्ल, सीओ नक्सल राधेश्याम कोल, अधिशासी अभियंता विद्युत एके सिंह, एसडीओ विद्युत गोपाल सिंह सहित तमाम अधिकारी मौजूद थे।
इनसेट
तहसील दिवस में आए आला अफसरों के फरियाद सुनने से नजर अंदाज करने के बाद भी रामपुर कलां के ग्रामीणों ने नकोइयां नहर को चलाने, किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने बेन हेड से आगे नहर का पानी न जाने, व्यापारी नेता राजेश मोदनवाल ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी की धन उगाही, वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार सिंह ने चंद्रप्रभा प्रखंड का कार्यालय चकिया में स्थापित करने, चकिया में बनकर तैयार 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र को शीघ्र चालू करने एवं बुढ़वल गांव निवासी शमशेर ने गांव में इंदिरा आवास के आवंटन की गड़बड़ियों की जांच करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिए।

तहसील दिवस में अचानक पहुंचे डीएम, एसपी एवं सीडीओ
प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में और तेजी लाने का दिया निर्देश
83 में से सिर्फ आठ प्रार्थनापत्रों का मौके पर हुआ निस्तारण
सकलडीहा। तहसील मुख्यालय पर मंगलवार को उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान अचानक जिलाधिकारी एनके सिंह, पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी एवं मुख्य विकास अधिकारी सुजीत कुमार आ धमके। जिले के आला अफसरों को देख मौजूद अधिकारियों एवं कर्मियों में हड़कम्प मच गया। वहीं जिलाधिकारी के आने की जानकारी होते ही फरियादियों की भीड़ लग गई। इस दौरान कुल 83 प्रार्थना पत्र पड़े जिसमें मौके पर सिर्फ 8 का निस्तारण किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को चेतावनी दिया कि अब तक तहसील दिवस के आयोजन में पड़े प्रार्थना पत्रों का निस्तारण शतप्रतिशत हो जाना चाहिए। यदि इस मामले में शिथिलता बरती गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री ले रहे हैं इसलिए अपने कार्यों के प्रति अधिकारियों पूरी तरह सजग रहे, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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