मुगलसराय। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की 135वीं जयंती के अवसर पर नगर पालिका इंटर कालेज के वीर अब्दुल हमीद सभागार में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ मंशी प्रेमचंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार व पूर्व विकास आयुक्त डा.राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रेमचंद का व्यक्तित्व बहुत बड़ा था क्योंकि वे अपनी लेखनी के द्वारा सामाजिक कुरीतियों एवं चुनौतियों पर तेज प्रहार करने की जज्बा रखते थे।
विशिष्ट अतिथि समाजसेवी सुरेश प्रताप ने कहा कि प्रेमचंद जी ने जिन परिस्थितियों के बारे में रचनाएं की वे आज भी विद्यमान हैं। शहरीकरण से गांव को खतरा है। इसकी चर्चा प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं में पहले से की थी। पूर्व मध्य रेलवे के राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद ने कहा कि प्रेमचंद जी ने अपने साहित्य में पूरे भारत को समाहित किया है। उनके द्वारा रचित हीरा मोती की जोड़ी आज के समाज में भी प्रासंगिक है। गोष्ठी में रमेश जायसवाल, वीके बिंद, सुनील श्रीवास्तव, सुनील विश्वकर्मा, महेश जायसवाल, मधुकर आदि मौजूद थे। संचालन व धन्यवाद ज्ञापन श्रीधर द्विवेदी एवं आभार रमेश जायसवाल ने किया।
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‘मूलचंद मर गया’ का हुआ मंचन
मुगलसराय। अस्मिता नाट्य एवं सामाजिक संस्थान द्वारा मुंशी प्रेमचंद जी की 135वीं जयंती पर गुरुवार को मुंशी जी की कहानी ‘मूलचंद मर गया’ का मंचन स्थानीय सुभाष पार्क में किया गया। जिसमें मूलचंद की भूमिका में विजय कुमार गुप्ता, सूत्रधार की भूमिका में कामेश्वर प्रसाद, किशन की भूमिका में विशाल सिंह, बसंती की भूमिका में जूही और लाट की भूमिका में उत्तम कुमार गुप्ता थे। इन कलाकारों ने अपने संवाद और अभिनय के माध्यम से मुंशी प्रेमचंद को श्रद्धा सुमन अर्पित कर दर्शकों की वाहवाही लूटी। इस अवसर पर जीएन सिंह, सदानंद दूबे, डा.एसके पांडेय, दिनेश शर्मा, संजीव कुमार, और उषा गुप्ता आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता धर्मदेव यादव, संचालन मनीष विश्वकर्मा और आभार व्यक्त कृष्ण मोहन गुप्ता ने किया।
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गरीबों की वेदना को मुंशी जी ने समझा
नौगढ़। मुंशी प्रेमचंद्र की जयंती पर गुरुवार को नौगढ़ स्थित दुर्गा मंदिर के पोखरे पर ग्रामोदय संस्थान की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की कृतियों को पढ़कर गरीबों का दर्द और उनकी वेदना को समझा जा सकता है। बैठक में केपी जायसवाल, बृजेश केशरी, अशोक उर्फ चुन्नीलाल, कमला यादव, किशन जायसवाल और राकेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमकारनाथ ने किया।
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प्रेमचंद की मनाई जयंती
मुगलसराय। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा प्रसिद्ध उपन्यास सम्राट की जयंती पर गोष्ठी का आयोजन गुरुवार की शाम पांच बजे संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन श्रीवास्तव के पटेल नगर आवास पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया।
मुख्य अतिथि केके श्रीवास्तव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय साहित्य जगत में हिंदी को महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में प्रेमचंद जी का सराहनीय योगदान रहा है। अंतर्राष्ट्रीय जगत में गोर्की व टालस्टाय के समान ही प्रेमचंद के उपन्यास को पसंद किया जाता है। जिलाध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रेमचंद की रचनाओं में बनावटीपन नहीं होता है। डा.अनुराधा ने कहा कि मंशी प्रेमचंद ग्रामीण समाज की यथार्थ समस्याओं पर अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रकाश डालते थे। गोष्ठी में श्री राजेंद्र लाल, कैलाश लाल, चंद्रभूषण लाल, संतोष कुमार, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता रतन कुमार श्रीवास्तव संचालन संजीव कुमार और धन्यवाद ज्ञापन संजय श्रीवास्तव ने किया।