चंदौली। डायरिया से पीड़ित औसतन बीस मरीज प्रतिदिन पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए आ रहे हैं। लेकिन चिकित्सालय प्रबंधन ने ऐसे हालात से निबटने के लिए कोई तैयारी मुकम्मल तैयारी नहीं की है। हालत यह है कि मरीजों को वार्ड की गैलरी में लिटाकर खुले में ही उनका इलाज किया जा रहा है। जहां मरीजों को इससे परेशानी हो ही रही है, वहीं चिकित्सालय में गंदगी इधर फैल रही है। शुक्रवार को भी अस्पताल में आधा दर्जन डायरिया मरीजों को गैलरी में ही पानी चढ़ाया गया।
गर्मी के मौसम में डायरिया ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। एक के बाद एक लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। जिला चिकित्सालय के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन औसतन आठ सौ मरीजों का ओपीडी में पंजीकरण हो रहा है, जिसमें बीस डायरिया पीड़ित मरीज भी शामिल हैं। इसके बावजूद चिकित्सालय में अलग डायरिया वार्ड नहीं बनाया गया है। आलम यह है कि कर्मचारियों की कमी के चलते सौ बेड के जिला चिकित्सालय में 88 बेड ही संचालित होते हैं। सभी वार्ड मरीजों से भरे हैं। ऐसे में डायरिया पीड़ितों को जहां जगह मिली, वहीं लिटाकर उपचार किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. पीसी जायसवाल का कहना है कि जून के प्रथम सप्ताह में अलग डायरिया वार्ड बना दिया जाएगा। अभी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी से मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में दिक्कत आ रही है।