मुगलसराय। पूर्व मध्य रेलवे के ‘ए’ ग्रेड रेलवे स्टेशन के रेल पटरियों का हाल काफी बुरा है। प्लेटफार्म के किनारे बनीं पटरियों की साफ-सफाई के लिए ठेका देकर लाखों रुपये तो खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन सफाई के मामले में सब कुछ ढाक के तीन पात ही रहता है। शुक्रवार को भी मुगलसराय रेलवे स्टेशन के विभिन्न प्लेटफार्मों के किनारें बनी पटरियों पर गंदगी का अंबार लगा रहा। वहीं इसके लिए मौजूद सफाई कर्मचारी नदारद दिखे।
गौरतलब हो कि मुगलसराय रेलवे स्टेशन को ‘ए’ ग्रेड रेलवे स्टेशन का दर्जा प्राप्त है। यहां से देश कई राजधनियों को जोड़ने वाली राजधानी जैसी वीआईपी ट्रेनें रोजाना गुजरती है। जिसमें देशी व विदेशी पर्यटक भी सफर करते है और ट्रेन के मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर ठहराव के दौरान यहां उतरते भी है। लेकिन पटरियों पर लगे गंदगी व बदबू से बचने के लिए नाक दबाकर रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने को मजबूर हो जाते है। शुक्र्तवार को भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला। रेलवे स्टेशन के प्लेफार्म एक से लेकर पांच तक की पटरियां इतनी गंदी थी कि यात्री मुंह व नाक पर कपड़ा रखकर गुजरने को मजबूर दिखे। विदित हो कि प्लेटफार्म किनारे स्थित पटरियों की साफ-सफाई निजी ठेकेदार के माध्यम से कराई जाती है। जिसकी समय-समय पर मंडल के आलाधिकारियों द्वारा जांच भी की जाती है, लेकिन मंडल स्तरीय अधिकारियों के आने से पहले सब कुछ सही कर दिया जाता है। सफाई विभाग के ठेकेदार से लेकर संबंधित रेलकर्मी भी मौके पर तैनात दिखते है। लेकिन उनके जाने के बाद सब पुन: ढाक के तीन पात होकर रह जाता है। जांच के दौरान चुस्त और अपनी वर्दी में दिखने वाले सफाईकर्मी सुस्त रवैया अपना लेते है। जिसका खामियाजा रेल यात्रियों को बदबू के तौर पर झेलना पड़ता है।