कंदवा। क्षेत्र के ककरैत गांव के एक माह से फुंके पड़े विद्युत ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीण आक्रोशित हो गए। तत्पश्चात फुंके ट्रांसफार्मर के पास खड़े होकर विद्युत निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शित किया। चेताया कि यदि एक सप्ताह के अंदर फुंके ट्रांसफार्मर को बदलकर 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया तो सड़क पर उतरकर हम सभी धरना-प्रदर्शन के लिए विवश होंगे, जिसकी जिम्मेदारी विद्युत विभाग के साथ प्रशासन की होगी।
विरोध प्रदर्शित कर रहे ग्रामीणों का कहना रहा कि गांव में तीन माह के दौरान गांव में लगा 10 केवी का ट्रांसफार्मर तीन बार धू-धूकर जल उठा। जिसके चलते मल्लाह, बिंद तथा मुस्लिम बस्ती में शाम होते ही अंधेरे का साम्राज्य कायम हो जा रहा है। पिछले एक माह से जले पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए ग्रामीणों ने बिजली विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। कहा कि क्षेत्रीय सांसद रामकिशुन यादव ने ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि करवाने के लिए ग्रामीणों को आश्वासन दिया था जो वर्तमान में सिर्फ हवा-हवाई साबित हो रहा है। आरोप लगाया कि फुंके ट्रांसफार्मर को बदलने की एवज में विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। कहा कि फुंके पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने के मामले में बरती जा रही घोर उपेक्षा के चलते ही हम सभी को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। विरोध प्रदर्शित करने वालों में रमाशंकर जायसवाल, जहांदार, लल्लू प्रसाद, कल्लन, घुरफेकन, शमीम अंसारी, श्रवण, शाकिर अहमद तथा कल्लन मल्लाह आदि ग्रामीण शामिल थे।
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इस संबंध में एसडीओ विद्युत सकलडीहा सुधीर श्रीवास्तव का कहना रहा कि ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर जल जा रहा है। उक्त ट्रांसफार्मर से महज सात लोग ही कनेक्शन लिए हैं, जबकि अवैध ढंग से कई लोग बिजली का उपभोग कर रहे हैं। कहा कि कनेक्शन लेने के बाद ही ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हो पाना संभव है, अन्यथा 10 केवी का ही ट्रांसफार्मर लगाना मजबूरी है।