सदर ब्लाक परिसर में देख रेख के अभाव में सूखा पौधा
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चंदौली। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से पिछले वर्ष सदर ब्लाक क्षेत्र के गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर एक लाख पौधे लगाए गए। इसमें मात्र चार फीसदी पौधे बचे हैं। जबकि 96 फीसदी पौधे देखरेख के अभाव में सूखकर बर्बाद हो चुके है। जबकि वर्तमान सत्र में सवा लाख पौधे लगाए गए है। ऐसे में नए रोपित पौधों को संरिक्षत करना अधिकारियों के लिए चुनौती से कम नहीं है। सदर ब्लाक के भदलपुरा निवासी रमेश यादव ने बताया कि पर्यावरण से संतुलित रखने के लिए पौधे लगाने का अभियान चलाया जाता है। लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते लगाए गए पौधों की सही देखभाल नहीं होती। इससे पौधे सूखकर बर्बाद हो जाते है। बनौली खुर्द के दीनानाथ सिंह ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर पौधरोपण अभियान सही ढंग से संचालित नहीं हुआ। अधिकांश गांवों में सड़क और चकरोड के किनारे पौधे लगाए गए। जिसे छुट्टा पशुओं ने बर्बाद कर दिया। किसान सियाराम चौहान ने कहा कि पौधे लगाने के साथ उन्हे संरक्षित रखने की भी जिम्मेदारी तय होनी जरुरी है। तभी पौधरोपण अभियान सफल हो सकता है। लेकिन सरकारी धन को खपाने के चक्कर में केवल कोरमपूर्ति हो रही है। नेगुरा के संजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लाक क्षेत्र के सभी गांवों में सर्वे कराने के बाद जमीनी हकिकत सामने आ जाएगी। केवल ग्राम प्रधानों के भरोसे सरकार की योजनाओं को मूर्त रुप देने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नहीं है। कहा कि पौधों को लगाने के बाद मनरेगा के तहत उन्हे संरक्षित करना चाहिए। लेकिन मात्र खानापूर्ति करके अधिकारियों ने इतिश्री कर ली।