पीडीडीयू नगर। केंद्र सरकार की सौर ऊर्जा आधारित लघु पेयजल योजना से घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने की तैयारी है। इसके तहत ग्राम सभा की जमीन पर प्लांट लगाए जाएंगे। इसका खर्च केंद्र और प्रदेश सरकार के जरिए ग्राम पंचायतें वहन करेंगी। जल निगम ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में जिले के 10 गांवों को चयनित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिजली बचाने और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने सोलर बेस्ड मिनी वाटर सप्लाई योजना शुरू की है। इसके तहत उन गांवों व मजरों तक श़ुद्ध पानी पहुंचाना है, जहां गर्मी के दिनों में पेयजल का गंभीर संकट हो जाता है। योजना के तहत देश के चयनित 118 अति पिछड़े जिलों में चंदौली भी शामिल है। प्रथम चरण में पांच वर्षों के लिए पायलट योजना बनाई गई है। इसमें अधिकतम 50 लाख की लागत से पांच हजार लीटर क्षमता की टंकी बनाई जाएगी। साथ ही टंकी में पानी चढ़ाने के लिए बिजली के बजाए सौर ऊर्जा से चलने वाले संयंत्र लगाए जाएंगे। इसके अलावा टंकी से पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन का विस्तार किया जाएगा। योजना में उन गांवों या मजरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां अब तक पेयजल आपूर्ति की सुविधा नहीं उपलब्ध हो सकी है। अधिशासी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि जिले में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रथम चरण के लिए गांवों के चयन की प्रक्रिया शुुरू कर दी गई है। ऐसे गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां छोटे-छोटे पुरवे में कम से कम 25 से 30 घर हैं और पेयजल की सुविधा नहीं है।