रात करीब 10:28 बजे प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच की जांच की गई। इसी दौरान काले रंग का बैग लेकर जा रहे एक युवक पर टीम को संदेह हुआ। पूछताछ में युवक ने अपना नाम आलोक कुमार साह निवासी मकरेदपुर, थाना गायघाट, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार बताया।
टीम ने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें 43 लाख रुपये नकद मिले। इतनी बड़ी रकम के बारे में पूछे जाने पर युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस ने रुपये से संबंधित कागजात मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद टीम ने बरामद नकदी के संबंध में आयकर विभाग, वाराणसी को सूचना दी। सूचना पर आयकर विभाग की टीम थाने पहुंची।
पुलिस ने युवक और बरामद 43 लाख रुपये को आवश्यक कार्रवाई के लिए आयकर विभाग के सुपुर्द कर दिया। सीओ ने बताया कि पूछताछ में युवक ने रुपये व्यापार के लिए ले जाने की बात कही है। हालांकि, पुलिस के अनुसार रकम के हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका है। मामले में आगे की जांच और कार्रवाई आयकर विभाग की टीम करेगी।
नौ माह में पीडीडीयू जंक्शन पर बरामद हुए 2.75 करोड़ रुपये
हावड़ा-दिल्ली रेल रूट पर ट्रेनों के जरिये बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही के मामले सामने आ रहे हैं। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने इस वर्ष अब तक करीब नौ माह में पीडीडीयू जंक्शन पर 2 करोड़ 75 लाख 58 हजार रुपये बरामद किए हैं। इन मामलों में कुल आठ लोगों को पकड़ा गया है। सभी मामलों में बरामद रुपये और पकड़े गए लोगों को आयकर विभाग वाराणसी के सुपुर्द किया गया।
आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने 21 फरवरी को पीडीडीयू जंक्शन के फुटओवर ब्रिज से 16.25 लाख रुपये के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा था। 28 फरवरी को अकालतख्त एक्सप्रेस से 1.75 करोड़ रुपये के साथ दो लोग पकड़े गए। 18 जुलाई को मुंबई-हावड़ा मेल से 28 लाख रुपये के साथ दो लोगों और 25 जुलाई को श्रमजीवी एक्सप्रेस से 13.33 लाख रुपये के साथ दो लोगों को पकड़ा गया। अब 30 सितंबर को संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच से 43 लाख रुपये ले जाते हुए एक युवक को पकड़ा गया और उसे आयकर विभाग के सुपुर्द किया गया।