चंदौली। जिले के परिषदीय विद्यालयों में जुलाई के प्रथम सप्ताह तक नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों और यूनिफार्म वितरण की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। जिले के साढ़े पंद्रह सौ प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को नए सत्र के शुरुआत में पुरानी किताबों और बगैर यूनिफार्म के ही काम चलाना होगा। बीएसए संतोष कुमार सिंह के अनुसार 26 जून को ही किताबें आनी थी लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं आ सकी हैं। जबकि यूनिफार्म के लिए अभी तक धन प्राप्त नहीं हुआ है।
जनपद के साढ़े पंद्रह सौ परिषदीय विद्यालयों में दो लाख 26 हजार 83 छात्र नामांकित हैं। इनमें 115172 बालिकाएं, 46134 अनुसूचित जाति के बालक और 64777 अन्य वर्ग के बालक शामिल हैं। शासन का निर्देश है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तक प्रत्येक दशा में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों और यूनिफार्म का वितरण करा दिया जाए। किताबों के लिए दिशा-निर्देश तो जारी कर दिए गए हैं लेकिन किताबें कब तक आएंगी इसका कोई अता-पता नहीं है। किताबों के लिए शासन स्तर से टेंडर हो चुका है। साथ ही जनपद स्तर पर सत्यापन कमेटी भी बनाई जा चुुकी है। लेकिन अभी तक किताबें बेसिक शिक्षा विभाग को प्राप्त नहीं हुईं हैं। वहीं यूनिफार्म की बात करें तो इस वर्ष शासन ने यूनिफार्म का रंग तो बदल दिया है लेकिन नए यूनिफार्म को खरीदने के लिए धन जारी नहीं किया है। इस बाबत बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि यूनिफार्म के लिए अभी पैसा नहीं मिला है ना ही किताबें प्राप्त हुई हैं। लेकिन शासन स्तर से जिस तरह की तेजी दिखाई जा रही है जुलाई माह के शुरूआती दिनों में दोनों का वितरण होने की उम्मीद है।
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101 विद्यालयों के लिए ई-टेंडरिंग
चंदौली। जनपद के 80 प्राथमिक और 21 जूनियर हाईस्कूलों में यूनिफार्म खरीदने के लिए ई टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। क्योंकि इन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 250 से अधिक है और यहां यूनिफार्म पर एक लाख से अधिक का खर्च आएगा। ऐसे में इन विद्यालयों में यूनिफार्म वितरण में विलंब होना तय है।