सूचना पाकर जीआरपी पहुंची वन विभाग की टीम कछुओं को अपने साथ ले गई। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी कछुओं को सारनाथ कछुआ सेंचुरी में छोड़ेंगे। बताया कि कछुआ कहां से लाया गया और कहां जा रहा था, इसका पता नहीं चला।
आशंका है कि उत्तराखंड अथवा गंगा के तटवर्ती इलाके से कछुआ लेकर तस्कर बंगाल जा रहे होंगे। ट्रेन बदलने के लिए पीडीडीयू जंक्शन पर उतरे और जांच देख कर डर कछुआ छोड़ कर भाग गए होंगे। कहा कि सीसीटीवी जांच कर तस्करों को पकड़ा जाएगा।