जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को पालीटेक्निक कालेज परिसर में
बैंकों का प्री- लिटिगेशन कैंप लगाया गया। इसमें 420 वाद निस्तारित करते
हुए 80.64 लाख रुपये वसूल किए गए।
साथ ही 331.97 लाख का समझौता किया गया। जो बाद में जमा किया जाएगा। शिविर का उद्घाटन जिला जज डा. एनके बहल ने किया।
इस
मौके पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से सरकार ने असमर्थ ऋण
उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक छूट देकर ऋण मुक्त करने की पहल की है।
उपभोक्ताओं को इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। इस दौरान यूबीआई उपमहाप्रबंधक
योगेंद्र सिंह ने कहा कि अदालत के माध्यम से होने वाले लाभ और बैंकों की ओर
से मिलने वाली सुविधाएं उपभोक्ताओं को एक स्थान पर मिल जाती हैं। ऋणदाता
आसानी से बिना किसी झंझट के कर्ज चुकता कर सकता है।
इस दौरान स्टेट बैंक,
यूबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों ने स्टाल लगाई वहीं काशी गोमती
संयुत ग्रामीण बैंक ने शाखा परिसर में ही 212 ऋण खातों का निस्तारण किया।
इस मौके पर बैंकों ने कुल 80.64 लाख रुपये नकद वसूल किए। वहीं एक लाख 32
हजार रुपये का समझौता किया। दूसरी ओर विभिन्न न्यायालयों में मेगा लोक
अदालत का आयोजन किया गया।
इसमें सुलह-समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण
किया गया। इस दौरान सीजेएम अरविंद मिश्रा ने 332 वाद, परिवार न्यायाधीश
एसएन त्रिपाठी ने पांच, सिविल जज सीनियर डिवीजन दिवाकर द्विवेदी ने छह
उत्तराधिकार वाद, रेलवे मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र राव ने 102 वाद, सिविल जज
जूनियर डिवीजन भारतेंदु प्रकाश गुप्ता 101 वाद निबटाए। जबकि सिविल जज
जूनियर डिवीजन चकिया विजय कटियार ने 53, न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौली संजय
के. लाल ने 56, अपर सिविल जज रजनेश त्यागी ने 56 वाद निस्तारित किए।
इसी
दौरान 120 राजस्व के मामले निस्तारित हुए। इस अवसर पर एसएस यादव, सुनील
कुमार सिंह, एसके पाढ़ी, नवनीत कुमार सिंह, चंद्रमणि त्रिपाठी आदि उपस्थित
रहे।