जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने मंगलवार को स्थानीय रेलवे स्टेशन पर लावारिस बैग में पड़े 75 कछुओं को बरामद किया। जीआरपी ने कछुओं को वन विभाग के हवाले कर दिया। माना जा रहा है कि कछुओं को ट्रेन से बंगाल ले जाया जा रहा था। तस्कर ट्रेन बदलने के लिए स्टेशन पर उतरे होंगे और जीआरपी के डर से इसे छोड़ कर भाग गए।
ठंड की शुरुआत होते ही कछुओं की तस्करी तेज हो गई है। तस्कर देहरादून, बिजनौर सहित अन्य इलाकों से कछुओं को पकड़ कर इसकी तस्करी पश्चिम बंगाल में करते हैं। यहां कछुओं को चाव से खाया जाता है। यहीं नहीं कई शक्तिवर्धक दवाइयों में इसका उपयोग किया जाता है।
मंगलवार की सुबह सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम गश्त कर रही थी। इस बीच प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो पर चार बैग लावारिस हाल में मिले। टीम ने बैग के बारे में पूछताछ की तो कोई सामने नहीं आया। इसके बाद बैग को खोलकर देखा गया तो उसमें कछुए थे। कोतवाली लाकर गिनती की गई तो उसमें 75 जिंदा कछुए मिले।
जीआरपी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने इसकी सूचना क्षेत्रीय वनाधिकारी को दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम कछुओं को बरामद कर अपने साथ ले गई। जीआरपी पीडीडीयू के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि कछुओं को तस्कर कर ले जा रहा होगा। स्टेशन पर जीआरपी टीम को देख कर तस्कर छिप गए। तस्करों का पता लगाया जा रहा है।