त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में सकलडीहा और नियामताबाद ब्लाक में छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ।
मतदान
को लेकर लोगों में खूब उत्साह दिखा। मतदान शुरू होने के पहले से ही कई
जगहों पर लोगों की कतार लग गई। यहां लोगों ने अपनी बारी आने का इंतजार कर
वोट डाले।
इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। कुछ इलाकों में
शुरू में रुझान कम रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही मतदाताओं का उत्साह भी
बढ़ता गया। हालांकि दुलहीपुर इलाके में कई स्थानों पर फर्जी मतदान की भी
खबरें मिली। वहीं तीन स्थानों पर मारपीट हुई लेकिन स्थिति को काबू में कर
लिया गया।
शाम पांच बजे तक सकलडीहा में 72.84 तो नियामताबाद में 75.56
प्रतिशत मतदान हुआ। इस तरह दोनों स्थानों का मतदान प्रतिशत औसत 74.20 रहा।
नियामताबाद के 88 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के 693 और 1163 ग्राम
पंचायत सदस्य पदों के प्रत्याशियों के भाग्य मंगलवार को मतपेटिकाओं में
बंद हो गए। मतदान को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह का माहौल रहा।
मुगलसराय से सटे भोगवारा गांव में सुबह से ही केंद्रों पर भीड़ उमड़ पड़ी।
यहां तक कि 11 बजे तक ही 57 प्रतिशत तक मतदान हो गया था। इसी तरह सहजौर
में 11 बजे तक 42 प्रतिशत तक मतदान हो गया था। कूढ़कला, कूढे खूर्द सहित
आसपास के गांवों में लोगों में उत्साह का माहौल रहा। हालांकि दुलहीपुर
इलाके में मतदान का प्रतिशत कुछ कम रहा।
दोपहर बारह बजे तक दुलहीपुर,
सतपोखरी गांव में मात्र बीस प्रतिशत ही मतदान हुआ। इसमें भी वोट देने
वालों में महिलाओं की संख्या अत्यंत कम रही है। हालांकि शाम तक प्रतिशत
अच्छा हो गया। कई स्थानों पर छिटपुट घटनाएं भी हुईं।
महेवा गांव में
फर्जी मतदान की शिकायत पर कुछ देर के लिए मतदान रुका, तो गंगेहरा गांव
में भी एक दो बार तूतू मैंमैं की स्थिति हुई। हृदयपुर में भी विवाद के बाद
स्थिति सामान्य हुई।
इसी तरह सकलडीहा ब्लॉक में 104 प्रधान पद और 1328 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए उत्साहपूर्ण माहौल में मतदान शुरू हुआ।
सुबह
से ही मतदान केंद्रों पर भीड़ जुटी। कुछ स्थानों पर छिटपुट झड़प हुई। खोर
गांव में भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इससे कुछ
देर केे लिए अव्यवस्था फैल गई।
सकलडीहा, पीथापुर, डैना, ओनावल, इटवां,
टिमिलपुर, तेनुवट आदि गांवों में एजेंट और प्रत्याशी समर्थकों के बीच झड़प
होने की खबर है।
इसमें चतुर्भुजपुुर गांव के वरिष्ठ चिकित्सक मुहम्मद रजा
अंसारी का सिर फट गया। घटना के बाद पुलिस इन गांवों से आधा दर्जन से अधिक
लोगों को थाना पकड़ कर ले आयी, जहां चुनाव समाप्त होने पर चेतावनी देकर
छोड़ दिया गया।