चंदौली। केवीके सभागार में शुक्रवार को बीएचयू के कृषि वैज्ञानिकों की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान संस्थान बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर रमेश चंद्रा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने बीज उत्पादन व रोग नियंत्रण तकनीकी के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। साथ ही उन्नत प्रजातियों, खर-पतवार नियंत्रण और सिंचाई के बेहतर तरीकों के बारे में बताया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जागरूक करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर रमेश चंद्रा ने कहा कि चंदौली में व्यापक स्तर पर बीज उत्पादन का काम किया जाता है। करीब दो दर्जन सीड प्रोसेसिंग इकाइयां जनपद में काम कर रही हैं। बीएचयू की ओर से जिले के करीब 50 किसानों के खेतों में प्रदर्शन के तौर पर धान व गेहूं के उन्नत प्रजातियों की खेती करा ई जा रही है। गुणवत्तापरक बीज के उत्पादन, संवर्धन व वितरण के लिए किसानों को जागरूक करना जरूरी है। बीज उत्पादन की पद्धति को लगातार अपनाकर ही गुणवत्तायुक्त व शुद्ध बीज का उत्पादन किया जा सकता है। प्रोफेसर विनोद कुमार मिश्रा ने गेहूं की उन्नत प्रजातियों के बारे में जानकारी दी। कहा कि पूर्वांचल में गेहूं की एचडी 2967 प्रजाति की सर्वाधिक खेती की जाती है। डा. मनोज सिंह ने कहा कि किसान पेंडीमेथिलीन व सर्फोसल्फोरान का इस्तेमाल कर खरपतवार को नष्ट कर सकते हैं। गोष्ठी में केवीके प्रभारी आरपीएस रघुवंशी, कृषि उपनिदेशक विजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारती, कृषि रक्षा अधिकारी अमित जायसवाल, कृषि वैज्ञानिक डा. समीर पांडेय, सदानंद पांडेय, जयप्रकाश पाठक उपस्थित रहे।