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पुण्य तिथि पर याद किए गए राष्ट्रवादी चिंतक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

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उद्घाटन
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मुगलसराय। समाजसेवी व राष्ट्रवादी चिंतक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि जिलेभर में शनिवार भाजपा की ओर से मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय हितों की प्रतिबद्धता उन्हें महान बनाती है।
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मुगलसराय संवाददाता के अनुसार नगर के कैलाशपुरी स्थित कैंप कार्यालय पर शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉॎ मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे। उस समय जम्मू कश्मीर का अलग झंडा और अलग संविधान था। संसद में अपने भाषण में डॉॎ मुखर्जी ने धारा-370 को समाप्त करने की भी जोरदार वकालत की थी। इस दौरान सुधीर घोष, अशौक सैनी, आलोक वरूण, आशीष गुप्ता, राकेश कन्नौजिया, कल्लू चौहान, राजेश पाठक मौजूद रहे। अध्यक्षता चंद्रकांत उर्फ डब्बा तिवारी व संचालन सुधीर चौहान ने किया। उधर दूसरी तरफ कमालपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कस्बा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में बैठ कर डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद किया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि रामजी तिवारी ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म छह जुलाई 1901 को कलकत्ता के अत्यंत प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे एवं शिक्षाविद के रूप में विख्यात थे। कहा कि अपने संकल्प को पूरा करने के लिये वे 1953 में बिना परमिट लिए जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकल पड़े थे। वहां पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद कर लिया गया। 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई। कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पित सच्चे राष्ट्र भक्त थे डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी। इस दौरान अलोक राय, श्रीराम चौबे, विनोद सिंह, गणेश अग्रहरी, संजय पाण्डेय, अनिल श्रीवास्तव,।
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