पड़ाव। विकास प्राधिकरण ने हाईवे किनारे रामनगर क्षेत्र में अवैध ढंग से की जा रही प्लाटिंग के खिलाफ बुधवार को अभियान चलाया। इस दौरान वीडीए की टीम ने डेवलपर्स के अस्थायी कार्यालय और प्लाटिंग के लिए खड़ी की जा रही दीवार को जमींदोज कर दिया। इससे अवैध निर्माण कराने वालों मेें हड़कंप मचा हुआ है। बता दें जुलाई में तत्कालीन वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के निर्देश पर बिना एप्रुवल और लेआउट के प्लाटिँग कर रहे डेवलपर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। उसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार के निर्देश पर बुधवार को जोनल अधिकारी आर पी द्विवेदी के नेतृत्व में वीडीए की टीम ने पड़ाव क्षेत्र के नीबूपुर व बखरा गांव के समीप अवैध ढंग से हो रही प्लाटिंग कार्य में बने मकान व बाउंड्री का ध्वस्त कर दिया। जोनल अधिकारी ने बताया कि इन प्लाटिंग करने वालों से प्लाटिंग के संबंध में नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा गया था लेकिन कोई जवाब नहीं दिए जाने के बाद कार्रवाई की गई है। जोनल अधिकारी वी पी मौर्य ने बताया कि वीडीए से न तो नक्शा पास कराया था और न ही एप्रुवल लिया था। वीडीए के अधिकारियों ने चेेताया कि दोबारा निर्माण हुआ तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस मौके पर तहसीलदार अविनाश कुमार, जेई आरके सक्सेना, प्रमोद तिवारी शामिल थे।
पड़ाव। हाईवे के किनारे धड़ल्ले से प्लाटिंग का खेल नया नहीं है। वीडीए के अफसरों की मिलीभगत से मोहनसराय से अलीनगर तक किसानों से सस्ती जमीनें खरीदकर उसे चौगुने दामों पर भवन बनाने वालों को बेचा जा रहा है। वीडीए की नींद तभी टूटती है जब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचती है।
रामनगर और पड़ाव क्षेत्र के बहादुरपुर, सुजाबाद, मढ़िया चौराहा, रतनपुर, भोजपुर, डुमरी, सेमरा, कटेसर, दांडी, साहुपूरी, इत्यादि क्षेत्रों में बिना नक्शे और एप्रुवल के धड़ल्ले से प्लाटिंग की जा रही है। इससे वीडीए के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। लेेकिन नियमित ऐसे प्लाटरों के खिलाफ अभियान ही नहीं चलाया जाता है।