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किताब-कापियों की बिक्री में आई 70 प्रतिशत की गिरावट

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पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकने के उद्देश्य से पूरे देश में 25 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी। इसके बाद सब्जी, दूध आदि कुछ आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर सभी प्रतिष्ठनों को बंद रखने का निर्देश जारी किया गया था। लगभग 75 दिनों से चल रहे लॉकडाउन का यह पांचवा दौर चल रहा है। इस बीच अनलॉक- 01 के तहत सभी दुकानों को खोलने के लिए मिलने वाली छूट की अवधि बढ़ा दी गई है। किताब-कॉपी बेचने वाले दुकानदारों का व्यवसाय भी लॉकडाउन के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्कूलों के लगातार बंद रहने के कारण किताब व कापियों की बिक्री में लगभग 70 प्रतिशत तक गिरावट आई है।
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मार्च से मई का माह स्कूलों में नए सत्र के आरंभ का होता है। इस दौरान लगभग सभी स्कूलों की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाता है। परीक्षा उत्तीर्ण कर अगली कक्षाओं में जाने वाले छात्र-छात्राओं की भीड़ किताब-कापियों की दुकानों पर लगने लगती हैं पर इस वर्ष ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। स्कूल अभी खुले नहीं हैं इस वजह से किताब-कापियों की मांग नहीं है। कक्षा एलकेजी से पांच तक के बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि अभी यदि बच्चों को किताब-कापियां खरीदकर दे दी जाती हैं तो उनके फट जाने का खतरा बना हुआ है। वे खिलौनों के साथ किताब-कापियों से भी खेलने लगते हैं। वहीं दुकानदारों का कहना है कि किताब-कापियां होने के बावजूद उनकी बिक्री काफी कम है। यदि पिछले वर्ष से तुलना की जाए तो अब तक मुश्किल से 20 से 25 फीसद किताबों व कापियों की बिक्री ही हुई है। वहीं जिला प्रशासन ने सप्ताह में केवल मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को तीन दिन ही दुकानें खोलने की इजाजत दी है। इससे भी बिक्री पर विपरीत असर पड़ रहा है।
किताब-कापियों की दुकान चलाने वाले सचिन ने बताया कि स्कूलों के बंद रहने से बिक्री पर काफी असर पड़ा है। अभिभावक भी अभी किताब-कापियां नहीं खरीद रहे हैं। 15 अगस्त के बाद यदि स्कूल खुले तभी बिक्री बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है। दुकानदार अमित मिश्रा ने बताया कि जिन स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई व टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है, उन्हीं स्कूलों के बच्चे किताबें व कापियां खरीदने आ रहे हैं। इसके अलावा किताब-कापियों की बिक्री काफी मंद गति से चल रही है। सौरभ कुमार बताते हैं कि लॉकडाउन के कारण स्कूलों को बंद कर दिया गया है। गोदाम तो किताब-कापियों से भरे हैं पर खरीदारों के न आने से बिक्री बहुत कम है। वहीं जिला प्रशासन ने सप्ताह में केवल तीन दिन ही दुकान खोलने का निर्देश जारी किया है। इसका भी असर पड़ रहा है। दुकानदार कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि कक्षा एक से पांच तक की किताबों की बिक्री बहुत कम हो रही है। इसके अलावा कापियों, पेन, इरेजर, कटर जैसी शिक्षा से संबंधी सामग्रियों की बिक्री भी नहीं हो रही है।
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