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सीट हथियाने का समीकरण बैठाने में जुटे राजनैतिक दल

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पीडीडीयू नगर। लोकसभा चुनाव का शंखनाद होने के साथ आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इन सबके बीच राजनैतिक दल भी सीटों पर अपनी गोटी बिठाने में माथा पच्ची शुरू कर दिए हैं। नक्सल प्रभावित जिले चंदौली की बात करें तो यहां की सीट को हथियाने और जीत के लिए राजनैतिक दल समीकरण बिठाने में जुट गए हैं। लेकिन अभी किसी भी दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। चुनाव की घोषणा के बाद से ही प्रत्याशियों के टिकट को लेकर अटकलें तेज हो गई है। मगर भाजपा, सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस से कौन मैदान में उतरेगा, इसकी तस्वीर साफ नहीं हो सकी है।
लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर सूबे में सपा-बसपा गठबंधन के बाद जीत का समीकरण भी बनता-बिगड़ता नजर आ रहा है। चंदौली की सीट गठबंधन में समाजवादी पार्टी के खाते में गई है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि यहां से आधा दर्जन लोगों ने पार्टी हाईकमान को अपनी दावेदारी पेश की है। मगर पार्टी ऐसे उम्मीदवाद पर मंथन कर रही है जिसकी जनता के अच्छी साख हो और जीत अपनी झोली में डाल सके। वहीं भाजपा से वर्तमान सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय है। लेकिन पार्टी ने भी अब तक चंदौली सीट से कौन उम्मीदवार होगा, पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस से कौन मैदान में उतरेगा यह अस्पष्ट है। चंदौली में सातवें और अंतिम चरण में चुनाव है, ऐसे में कोई भी दल हड़बड़ी नहीं दिखाना चाहते हैं।
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चंदौली सीट से प्रत्याशियों के मैदान में उतरने की चर्चा भी अब चट्टी, चौराहों, चाय-पान की दुकानों पर तेज हो गई है। अटकलों का दौर बढ़ता जा रहा है। लोकसभा की इस सीट पर 1952 से लेकर लोकसभा चुनाव 2014 तक कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा, जनता पार्टी, जनतादल और सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार जीत दर्ज कर चुके हैं। यहां की जनता ने लगभग सभी दलों के प्रत्याशियों को संसद तक पहुंचाया और जीत का सेहरा उनके माथे पर बांधा। यहां से पांच बार कांग्रेस, चार बार भाजपा, दो-दो बार जनता पार्टी, एक-एक बार जनता दल, सोशलिस्ट पार्टी और बसपा के उम्मीदवार जीत का परचम लहरा चुके हैं। इस बार जीत किसकी झोली में जाएगी, यह तो भविष्य के गर्भ में है लेकिन जनता स्थानीय समस्याओं बिजली, पानी, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य की मुकम्मल समाधान चाहती है।
एक नजर में लोकसभा सीट चंदौली
अब तक इनको मिली जीत1952 त्रिभुवन नारायण सिंह (कांग्रेस)
1957 त्रिभुवन नारायण सिंह (कांग्रेस)
1962 बालकृष्ण सिंह (कांग्रेस)
1967 निहाल सिंह (संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी)
1971 सुधाकर पांडेय (कांग्रेस)
1977 नरसिंह यादव (जनता पार्टी)
1980 निहाल सिंह (जनता पार्टी)
1984 चंद्रा त्रिपाठी (कांग्रेस)
1989 कैलाशनाथ सिंह (जनता दल)
1991 आनंदरत्न मौर्या (भाजपा)
1996 आनंदरत्न मौर्या (भाजपा)
1998 आनंदरत्न मौर्या (भाजपा)
1999 जवाहरलाल जायसवाल (सपा)
2004 कैलाशनाथ सिंह यादव (बसपा)
2009 रामकिशुन यादव (सपा)
2014-डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय (भाजपा)
चंदौली संसदीय के अंतर्गत विधानसभा सीट :
मुगलसराय
सकलडीहा
सैयदराजा
शिवपुर (वाराणसी)
अजगरा (वाराणसी)
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