सकलडीहा। समाजवादी पार्टी के गढ़ सकलडीहा में बुधवार को पूर्व मंत्री व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा में बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई नेता मौजूद रहेंगे। सपा में कैबिनेट मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए चंदौली जनपद का दर्जनों दौरा कर चुके शिवपाल यादव पार्टी बनाने के बाद पहली बार यहां पहुंच रहे हैं। रैली के माध्यम से वे लोगों के बीच अपनी पकड़ की परख करेंगे। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शिवपाल की यह रैली काफी मायने रखती है। किसी संगठन को आगे बढ़ाने में महारत हासिल करने वाले शिवपाल ने बहुत कम समय में अपनी पार्टी को पूरे प्रदेश में खड़ा कर दिया है। राजनीति के कई दिग्गज नेता सपा व अन्य दलों को छोड़कर उनकी पार्टी में शामिल हो चुके हैं। मंत्री रहते जनपद में उनकी काफी पकड़ थी मगर नई पार्टी के गठन के बाद यहां से कोई बड़ा नेता उनके साथ अभी तक खड़ा नहीं हो पाया है। शायद यही वजह है कि रैली वाराणसी की बजाए चंदौली में की जा रही है। सूत्रों की मानें तो पार्टी गठन के इतने दिनों बाद भीजनपद में उनका संगठन मजबूत नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि शिवपाल को सबसे अधिक ताकत बहुजन मुक्ति पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से मिल रही है। इस पार्टी का दलितों के बीच काफी प्रभाव है। समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा में शामिल 30-35 छोटे बड़े दलों से शिवपाल के हौसले बुलंद हैं। तभी तो सरकार बनाने में उन्होंने खुद को किंगमेकर की भूमिका में रहने की बात कही है। वहीं सपा-बसपा गठबंधन के बाद सपा के किसी बड़े नेता का शिवपाल के साथ जाना संभव नहीं दिखता है। बावजूद इसके कयास यह भी लगाया जा रहा है कि जिन नेताओं के टिकट कटेंगे वे शिवपाल की पार्टी से जुड़ सकते हैं।