कमालपुर। सैयदराजा विधान सभा के पूर्वी महाईच परगना की नहरों में पानी न छोड़े जाने से किसान परेशान हैं। सिंचाई के बिना गेहूं की फसल के बर्बाद होने का डर सताने लगाया है। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल को पानी की सख्त जरूरत है। एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई उपाय कर रही है वहीं दूसरी ओर भुपौली पंप कैनाल से निकली धानापुर रजवाहा में पानी नहीं आने से असवरिया, जमुर्खा, बहेरी, जनौली, रैथा, कमालपुर, महुरा, एवती सहित अन्य गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ गेंहू की फसल सिंचाई के बिना बर्बाद हो रही है। किसानों का कहना है कि गेहूं के फसल की 21 से 25 दिन के अंदर सिंचाई हो जानी चाहिए पर एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि नहरों में इतना पानी भी नहीं है कि मशीन से खेतों की सिंचाई की जा सके। उन्होंने सिंचाई विभाग से तत्काल नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है जिससे उनकी फसल बचाई जा सके।