चंदौली। कृषि उपनिदेशक विजय सिंह ने गुरुवार को तियरी गांव में जीरा 32 (जेआर 32) धान के फसल का क्राप कटिंग कराया। लगभग 50 वर्ग मीटर में फसल की कटिंग कराने पर 21. 350 किलों धान प्राप्त हुआ। जिसका आंकलन करने पर लगभग 42.700 कुंतल उपज होना आंका गया। जिसे हैदराबाद के नेशनल राइस रिसर्च संस्थान में भेजकर उसके औषधिय गुणों का परीक्षण कराया जाएगा। जिसके बाद जिले की इस प्रजाति को विकशित करने के लिए पेटेंट करने की भी तैयारी चल रही है।
जीरा 32( जेआर32) धान जिले की सर्वोत्म और बारिक खुशबूदार चावल की प्रजाति मानी जाती है। जिसकी किमत अन्य प्रजातियों के अपेक्षा ज्यादा होती है। इसिलिए जिला प्रशासन इस प्रजाति को और विकशित बनाने के लिए कई शोध संस्थानों से पेटेंट करने की तैयारियों में लगा हुआ है। गुरुवार को जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के निर्देश पर उपकृषि निदेशक विजय सिंह ने शहाबगंज के तियरी गांव में किसान शिवशंकर सिंह के खेत में खड़ी जीरा 32 धान के फसल का क्राप कटिंग कराया। अधिकारियों की उपस्थिती में 50 वर्ग मीटर में धान की फसल काटने के बाद परीक्षण किया गया तो उसमें से 21. 350 कीलो धान प्राप्त हुआ। कृषि उपनिदेशक विजय सिंह ने बताया कि क्राप कटिंग के बाद धान का मुल्यांकन करने पर लगभग प्रति हेक्टेयर 42 कुंतल से अधिक धान उपज होना पाया गया। जो कि अपेक्षा और से अधिक है। बताया कि इस प्रजाति को विकशित करने और औषधिय गुणों को परखने के लिए सैंपल को हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट राइस रिसर्च संस्थान को भेजा जाएगा। जिसके बाद इसे और विकाशित करने का प्रयास किया जाएगा।