सैयदराजा। ओवरलोड, फर्जी रजिस्ट्रेशन की शिकायत पर शुक्रवार को डीएम नवनीत सिंह चहल और एसपी संतोष सिंह धमक पड़े। आला अधिकारियों के पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। चालक और खलासी ट्रक छोड़कर भाग खड़े हुए। जांच में फर्जी रसीद (जीएसटी सेल इनवायस) मिलने पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं धर्मकांटा पर कम वजन की रसीद दिखाने पर एसपी ने धर्मकांटा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देेश दिया है। अचानक नौबतपुर चेकपोस्ट पर अधिकारियों के धमकने से वहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। बिहार बार्डर पर बगहीं स्थित नौबतपुर चेकपोस्ट पर शिकायत मिल रही थी कि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ओवरलोड वाहनों को फर्जी कागज के माध्यम से सीमा पार कराया जा रहा है। डीएम की जांच में सपना एंटरप्राइजेज नाम का जीएसटी सेल इनवाइस यानी रसीद बरामद हुई। जिसकी जांच के लिए जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने वाणिज्य कर के एसआईबी टीम को बुलाकर निर्देश दिया। साथ ही नौबतपुर से बगही तक स्थित लगे टेन्टो की जांच करें की इनके रजिस्ट्रेशन सही है या नहीं। रजिस्ट्रेशन जीएसटी का कहीं और का है और यहां फर्जी तरीके से बिल काट कर राजस्व को चुना तो नहीं लगाया जा रहा है। जो फर्जी हों उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। इस दौरान नौबतपुर में टेंट संचालक और ट्रक मालिकों में हड़कंप मच गया। वहां बालू लदी गाड़ियों को ड्राइवर गाड़ी छोड़कर हट गए। वहीं शुक्रवार की सुबह एआरटीओ विजय प्रकाश द्वारा एक गाड़ी की ओवरलोड के कटे सीजर का प्रपत्र जिलाधिकारी को दिखाया। जिसमें बालू की ट्रांजिट शुल्क जिस धर्म कांटे के आधार पर काटा गया था उसमें बालू लदी ट्रक पर 28 टन बालू लोड दिखा जा रहा था लेकिन उसी ड्राइवर के पास एक बिहार के टोल टैक्स के कांटे की पर्ची भी थी जिसमें बालू 51 टन दिखा गया था। इस प्रपत्र को देख कर जिलाधिकारी ने जवाहीरी धर्म कांटा पर पहुंचकर उसकी जांच की लेकिन वहां मौजूद कर्मचारी कुछ भी बताने में असमर्थ रहे।जिस पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने उस धर्म कांटा के मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया और जिलाधिकारी ने बाटमाप विभाग को निर्देश दिया। नौबतपुर बालू लदी खड़ी गाड़ियों को खनन विभाग को जांच करने के लिए आदेश दिया जिस पर खनन अधिकारी गाड़ियों की जांच करने पहुंचे तो सभी ट्रक ड्राइवर गाड़ी लाक कर मौके से फरार हो गए। जिस पर खनन अधिकारी ने नौ ट्रकों नंबर नोट किया और बताया कि ट्रकों के नंबर के आधार पर ऑनलाइन सीजर काटा जाएगा। गाड़ी मालिकों ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश किया है कि बालू अगर वन क्षेत्र से बाहर का है तो उस पर ट्रांजिट शुल्क नहीं लगेगा। लेकिन वन विभाग जबरन ट्रांजिट शुलक लेता है। डीएम ने मालिकों को कागजात के साथ कार्यालय पर बुलाया है। डीएम ने कहा कि वन विभाग की सदर उपजिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह व पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रदीप सिंह चंदेल ने जांच की थी। उसमें उन्होंने वन विभाग पर अवैध वसूली की आशंका जताई है। जिस पर जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।