चकिया/शिकारगंज। विकास खंड के पठारी इलाके में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ पेयजल संकट गहराने लगा है। भूजल स्तर खिसकने और तकनीकी गड़बड़ी के कारण ग्रामीणों इलाकाें में लगाए गए 500 हैंडपंप शोपीस बन गए हैं। ब्लॉक कार्यालय परिसर में बनाए गए कंट्रोल रूम में पानी की समस्या की शिकायतें लगातार आ रही हैं। विकास खंड की 89 ग्राम पंचायत के राजस्व गांव में भूजल स्तर गिरने से हर साल गर्मी में पेयजल संकट खड़ा हो जाता है। पठारी क्षेत्र में हैंडपंपों के जवाब देने से पानी की किल्लत से लोग जूझने लगे हैं। केंद्रीय जल आयोग ने वर्ष 2008 में विकासखंड में कराए गए सर्वे में गर्मी के दिनों में पठारी वन क्षेत्र में एक से डेढ़ मीटर और मैदानी क्षेत्रों में आधा से एक मीटर तक सतही जलस्तर गिरने का आकलन किया गया था। भरपूर बरसात न होने के कारण जलस्तर के और गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया था। गांवों में लगे हैंडपंप या तो खराब पड़े हैं या जलस्तर खिसकने के कारण पानी छोड़ चुके हैं। प्राकृतिक जलस्रोत भी सूखने लगे हैं, पेयजल संकट को देखते हुए ब्लॉक कार्यालय परिसर में कंट्रोल रूम बनाकर हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। एडीओ पंचायत नारायण दत्त तिवारी ने बताया कि कंट्रोल रूम में हैंडपंप खराब होने की 77 शिकायतें आई हैं, जिनमें से 73 का निराकरण करा दिया गया है। बाकी हैंडपंप भी जल्द दुरुस्त कराए जाएंगे। दूसरी ओर अमृत सरोवर में भी पानी पर्याप्त नहीं है। प्राकृतिक जलस्रोतों और तालाबों में पानी घटने से पशु-पक्षी भी बेहाल हो रहे हैं।