रेलकर्मी कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह रेलकर्मी ही कहा जाता है। चाहे वह अधिकारी हो अथवा कर्मचारी।
उक्त
बातें मंडल रेल प्रबंधक विद्या भूषण ने समापक भुगतान समारोह के दौरान
सोमवार को सेवानिवृत्त हुए रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते
हुए व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने सोमवार को सेवानिवृत्त हुए 45
कर्मचारियों और मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को चेक के माध्यम से आठ करोड़
चार लाख 46 हजार 538 रुपये का भुगतान किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक ने
कहा कि रेलकर्मियों की भविष्य निधि की यह कमाई उनकी जीवनभर की संचित पूंजी
है। इसका उपयोग वे विकास कार्यों में करें।
सेवा निवृत्त हुए रेलकर्मियों
के स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करते हुए डीआरएम ने कहा कि रेल प्रशासन
भविष्य में भी उनकी सेवा के लिए तत्पर रहेगा।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल
प्रबंधक मुुकेश मेहरोत्रा समेत मंडल के सभी शाखाधिकारी, काफी संख्या में
रेलकर्मचारी, इसीआरकेयू, ओबीसी एसोसिएशन, एससी/एसटी एसोसिएशन के प्रतिनिधि
रहे। संचालन सीनियर डीपीओ जय प्रकाश सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन मंडल कार्मिक
अधिकारी अजित कुुमार ने किया।