चंदौली। यूपी बोर्ड की परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो रही है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। परीक्षा केंद्रों में सुचारू ढंग से पारदर्शी और नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर 27 स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 18 सेक्टर और पांच जोनल मजिस्ट्रेट निर्धारित रुटों पर विद्यालयों को चेक करेंगे। वहीं छह सचल दल भी बनाए गए है। जो जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर चेकिंग करेंगे। इस वर्ष परीक्षा के लिए 75 केंद्र बनाए गए है। इसमें चार राजकीय, 30 सहायता प्राप्त, 61 वित्तविहीन विद्यालय शामिल है। आंकड़ों के अनुसार इंटर में 33096 तथा हाईस्कूल 42259 परीक्षार्थी परीक्षा देने वाले है। सात फरवरी से शुरु हो रही यूपी बोर्ड की परीक्षा की सुचिता बनाए रखना जिला प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती है। पिछले वर्ष सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने चहनिया क्षेत्र के एक विद्यालय में लिखी हुई सैकड़ों बोर्ड की कापियां बरामद किया था। इस दौरान भारी भरकम धनराशि इसी परीक्षा केंद्र से पुलिस ने बरामद किया। लेकिन इस वर्ष परीक्षा की तैयारियों को देखकर लग रहा है कि जिला प्रशासन कही से भी चुक करना नहीं चाह रहा है। डीएम नवनीत सिंह ने बोर्ड परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के तेज तर्रार जिला विद्यालय निरीक्षक डा. विनोद राय को पूरी जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा उन्होने परीक्षा को लेकर संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की निगरानी के लिए प्रत्येक केंद्र पर स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किया है। विभाग की ओर से जिले में कुल 27 ऐसे परीक्षा केंद्र चिन्हित किए गए है जहां नकल की संभावना जताई गई है। वहीं पांच जोनल, 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट के अलावा छह सचल दल का भी गठन किया गया है। जो परीक्षा केंद्रों का चक्रमण करने के साथ ही नकल रोकने का कार्य करेंगे।