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Chandauli News: दस वर्षों में 40 प्रतिशत व्यापारियों ने कोयले का कारोबार छोड़ा

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पीडीडीयू नगर। चंदासी मंडी को एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी कहा जाता है। पहले कोयले के कारोबार में काफी फायदा होता था। कभी यहां रोज तीन से चार हजार ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग होती थी। अब एक हजार के करीब ट्रक लोड-अनलोड हो रहे हैं। सीबीआई और जीएसटी की लगातार कार्रवाई से विचलित होकर 40 प्रतिशत व्यापारियों ने इस कारोबार से किनारा कर लिया है। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के चंदासी क्षेत्र में स्थित कोल मंडी एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी में शुमार है। 50 वर्ष से भी ज्यादा समय से संचालित इस मंडी में कभी पूर्वांचल के सभी माफिया धंधे में दबदबा बनाने को प्रयासरत थे। इसके पीछे का कारण कोयले के खरीद फरोख्त में होने वाली हेराफेरी में मोटी कमाई को माना जाता था। कोयले को काला हीरा कहा जाता था। दस साल पहले की बात करें तो चंदासी कोल मंडी में रोजाना तीन से चार हजार ट्रक लोड अनलोड होते थे। एक दिन का कारोबार 60 करोड़ से भी ज्यादा का होता था। हजारों की संख्या में लोग कोल व्यवसाय से जुड़े थे। लेकिन दस साल पहले और अब कि स्थिति में जमीन आसमान का अंतर है। आज कोयले के व्यवसाय से जुड़े 40 प्रतिशत लोग इसको छोड़ चुके हैं। जिससे ट्रकों की संख्या भी एक हजार तक पहुंच गई है। मंडी में सन्नाटा है। कोयला व्यवसाय में पहले जैसा मुनाफा नहीं रहा। इसका सबसे बड़ा कारण है, कोल मंडी में सीबीआई, जीएसटी और आयकर विभाग की लगातार कार्रवाई। पिछले पांच वर्षों में 50 से ज्यादा बार कोल मंडी में छापा मारा गया है। करोड़ों रुपये जुर्माना लगाने के साथ ही व्यवसायियों पर विधिक कार्रवाई भी हुई है।
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