नक्सल प्रभावित नौगढ़ ब्लाक में कोरोना के टीका लगवाने के प्रति लोगों में उदासीनता है। लोगों में जागरूकता की कमी और सरकारी अमले की उदासीनता के चलते लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। इसका नतीजा है कि चार माह में 36 हजार की जगह अब तक सिर्फ 8155 लोगों को ही कोरोना से बचाव का टीका लग सका है। जबकि नौगढ़ ब्लॉक की जनसंख्या लगभग 92000 है।
स्थानीय विकास खंड में 43 ग्राम पंचायत और 139 राजस्व गांव है। इसमें 15 गांव नाचिरागी मौजा शामिल है। नाचिरागी मौजा उसे कहते हैं, जहां कोई आबादी नहीं है, केवल पेड़ पौधे हैं। नक्सल प्रभावित इलाके में टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से डीएम संजीव सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ अमृतपुर, विनायकपुर आदि गांवों में चौपाल लगाकर वनवासियों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। बावजूद इसके लोग वैक्सीन लगवाने से भाग रहे हैं। एसडीएम डॉक्टर अतुल गुप्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. अवधेश पटेल, खंड विकास अधिकारी सुदामा यादव निगरानी समितियों के माध्यम से संपर्क में हैं लेकिन टीकाकरण की गति काफी धीमी है। उदासीनता के चलते ही ब्लाक में अब तक मात्र 8155 लोगों का ही वैक्सीनेशन हो पाया है। इसमें भी 18 प्लस के 740 लोगों को टीका लगा है, जबकि यहां 36000 लोगों को वैक्सीन लगवाने का लक्ष्य रखा गया है।
नौगढ़। नक्सल क्षेत्र के जंगलों में बसे गांव के लोग टीका लगवाने को तैयार नहीं है। पिछले दिनों शाहपुर, गंगापुर, जमसोती, नरकटी, औराही समेत कई गांवों में टीका लगाने गई टीमों को विरोध का सामना करना पड़ा। गांव में निगरानी समितियां भले ही लोगों को जागरूक कर रही हैं लेकिन लोग अब भी भ्रम पाले बैठे हुए हैं। क्षेत्र के कई गांव में लोगों ने टीका लगवाने से साफ इनकार कर दिया है। जबकि जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक लोगों का टीका करण हो इसके लिए ग्राम प्रधानों को निगरानी समितियों के माध्यम से सहयोग करने को कहा है।