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स्टेशन से हजारों लोगों को लेकर निकली 35 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें

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पीडीडीयू नगर। श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन जारी है। शनिवार को भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से विभिन्न राज्यों में फंसे हजारों मजदूरों को लेकर 40 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गुजरी। ट्रेनों के ठहराव के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
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दिल्ली, बंगलोर, अहमदाबाद, हरियाणा, महाराष्ट,, तमिलनाडु के चेन्नई सेंट्रल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में फंसे श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेनों से श्रमिकों को घर पहुंचाया जा रहा है। शनिवार को भी विभिन्न राज्यों से श्रमिकों को लेकर बिहार के दानापुर, पूर्णिया, कटिहार, बापूधाम, बरौनी, किशनगंज, गया, सहरसा, अरसिया, आरा, बक्सर सहित विभिन्न जिलों के लिए 40 ट्रेेनें गुजरी। इस दौरान आरपीएफ, जीआरपी सुरक्षा में तैनात हो गई।ट्रेनों के गार्ड और चालक बदले गए और इंजन और गार्ड बोगी को सैनिटाइज किया गया।
पीडीडीय नगर। हावड़ा के रेलवे हास्पीटल के मुख्य फार्मासिस्ट की कोरोना से मौत के बाद फार्मासिस्टों में शोक की लहर है। शनिवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे लोको मंडलीय अस्पताल में फार्मासिस्टों की शोक सभा हुई। इसमें दो मिनट का मौन रख कर मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान स्वयं को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने का आह्वान किया गया। इस मौके पर एसपी सिन्हा, एस सेट्टी, ए त्रिपाठी, जावेद, पी प्रधान, शालिनी , घनश्याम पांडेय रहे।
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पीडीडीयू नगर। एक तरफ तो रेलवे स्टेशनों की सुंदरता के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहा है। लॉकडाउन के दौरान कार्य और प्रगति पर है। बावजूद इसके स्थानीय रेलवे स्टेशन पर आंधी के दौरान टूट कर गिरे ग्लोसाइन बोर्ड को ठीक नही किया गया।
वेतन कार्यालय के समीप स्टेशन के बिल्डिंग के उपर हिंदी में लिखा नेम ग्लोसाइन बोर्ड पिछले दिनों आंधी के दौरान टूट कर गिर गया। वर्तमान में प्रतिदिन स्टेेशन से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गुजर रही है। वहीं विभिन्न जिलों के श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन पहुंच रही है। श्रमिकों के आगमन के लिए अधिकारियों की टीम भी पहुंच रही है। यही नहीं अधिकारी भी लगातार स्टेशन पर पहुंच रहे हैं लेकिन टूटे ग्लोसाइन बोर्ड की ओर से किसी की नजर नहीं है।
काफी जद्दोजहद के बाद पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन स्थित आरक्षण काउंटर पर बृहस्पतिवार को सात लाख रुपये उपलब्ध कराए गए लेकिन तीन दिन में भी यह खत्म हो गया। अब एक बार फिर यहां से टिकट रिफंड कराने आए यात्री वापस लौट रहे हैं।
कोविड 19 की वजह से 25 मार्च से देश मे लॉकडाउन लगा दिया गया। इससे यात्री ट्रेनों का संचालन भी रोक दिया गया। ऐसे में पहले से रिजर्वेशन कराए लोगो के टिकट रद्द हो गए। ऑनलाइन रिजर्वेशन कराने कराने वालों के पैसे रिफण्ड हो गए लेकिन टिकट काउंटर से टिकट लेने वालों को छह माह का समय दिया गया। इस बीच 12 मई से यात्री स्पेशल एसी ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया। वहीं एक जून से यात्री स्पेशल ट्रेनों के चलाने की घोषणा की गई। 22 मई से आरक्षण काउंटर को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। इसके बाद यात्री टिकट रिफंड कराने भी पहुंचने लगे लेकिन आरक्षण काउंटर पर पैसे की कमी हो गई।यात्रियों की परेशानी को देखते हुए जोनल अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद डीआरएम पंकज सक्सेना के निर्देश पर पैसों का इंतजाम किया गया।सात लाख रुपये बृहस्पतिवार को मिले। शनिवार को दिन में 11 बजे यह पैसा समाप्त हो गया। इसके बाद फिर से यात्रियों को वापस किया जाने लगा। इस संबंध में वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक रूपेश कुमार ने बताया कि जल्द ही और पैसे का इंतजाम किया जाएगा।
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