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UP: काशी वन्यजीव प्रभाग में तीन साल में बढ़े 35 भालू और एक तेंदुआ, 1957 में इस वजह से हुई थी स्थापना

Mon, 30 Jun 2025 11:47 AM IST
प्रगति चंद संवाद न्यूज एजेंसी, शिकारगंज (चंदौली)।

सार

काशी वन्यजीव प्रभाग में तीन साल में 35 भालू और एक तेंदुआ बढ़े। वन्य जीवों की संख्या में हुई वृद्धि को वन विभाग बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
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भालू - फोटो : Meta AI
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विस्तार
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काशी वन्यजीव प्रभाग के चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार में तीन साल में तेंदुए पांच से बढ़कर छह हो गए हैं। भालुओं की संख्या भी 170 से बढ़कर 205 तक पहुंच गई है। कुल 35 भालू बढ़े हैं।

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चीतल, चिंकारा, सांभर, वनरोज, मोर, लोमडी, भेड़िया, सुअर आदि वन्यजीवों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। जून महीने में हुई वन्यजीव गणना के बाद यह रिपोर्ट सामने आई है। पिछली गणना 2022 में हुई थी। वन्य जीवों की संख्या में हुई वृद्धि को वन विभाग बड़ी उपलब्धि मान रहा है।

काशी वन्य जीव प्रभाग के तहत चंद्रप्रभा वन्यजीव बिहार प्रदेश का सबसे पुराना वन्य जीव विहार है। इसकी स्थापना वर्ष 1957 में जैव विविधता संरक्षण और विकास के लिए की गई थी। यह वन्यजीव विहार लगभग 9600 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। यहां घने जंगल, पहाड़ियां, झरने, गुफाएं और दरें हैं, जो इसे वन्य जीवों के लिए आदर्श स्थल बनाती हैं। साथ ही, पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाती हैं।
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वन विभाग के मुताबिक, चंद्रप्रभा गर्दी, बुढन, शिकारगंज, सदापुर, मुडहुआ दक्षिणी वीट में गणना की गई थी। यहां पक्षियों की लगभग 150 प्रजातियां दर्ज की गई हैं। चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार के केयर टेकर वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश दुबे के अनुसार, वन्य जीव गणना में फुट मार्ग के साथ ही पानी के स्थानों पर वन्यजीवों की उपस्थिति पाई गई है। 

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