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Chandauli News: फार्मर रजिस्ट्री न करा पाने वाले 34 हजार किसान भी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे गेहूं

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पीडीडीयू नगर। बीते 20 अप्रैल को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फार्मर रजिस्ट्री न करा पाने वाले किसानों को गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़ी राहत दी है। उन्होंने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इससे जहां सूबे के 80 लाख किसानों को गेहूं बेचने में सुविधा होगी। वहीं, जिले के 34 हजार किसानों को भी लाभ मिलेगा। विपणन विभाग के अनुसार किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया चल रही है लेकिन फार्मर रजिस्ट्री न करा पाने वाले किसान भी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। कृषि विभाग के अनुसार जिले में दो लाख, 75 हजार, 700 किसान हैं। इनमें करीब दो लाख 41 हजार 700 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है जबकि 34 हजार ऐसे किसान हैं जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। जिले में गेहूं की खरीद आरंभ होने के बाद इन किसानों को अपना गेहूं बेचने की चिंता सता रही थी। किसानों की मानें तो इस वर्ष बिचौलिए भी गेहूं के सरकारी खरीद दर से काफी कम कीमत पर गेहूं खरीदना चाह रहे हैं। इस वर्ष गेहूं खरीद का सरकारी दर 2585 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि बिचौलिए 23 से 24 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर पर ही गेहूं खरीदना चाह रहे हैं। अब सरकार ने उन किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने की अनुमति दे दी है जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। इस फैसले से जिले के उन 34 हजार किसानों को फायदा होगा जो अब तक तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में पंजीकरण नहीं करा पाए थे। वे बिचौलिओं के चंगुल में फंसने से बच जाएंगे।
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