पीडीडीयू नगर। आईजी रेलवे बीआर मीणा ने कहा कि ट्रेनों को स्मगलिंग का साधन नहीं बनने दिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए ट्रेनों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर चलने वालों पर जीआरपी कड़ी कार्रवाई भी कर रही है। चुनाव के दौरान ट्रेनों में विशेष नजर रखी जा रही है ताकि ट्रेनों के जरिए शराब, ड्रग, असलहों की तस्करी पर नकेल कसी जा सके। आईजी रेलवे मंगलवार की शाम राजकीय रेलवे पुलिस पीडीडीयू जंक्शन का वार्षिक निरीक्षण के बाद पत्रकारों को जानकादी दी। बिहार में शराबबंदी है और चुनाव में बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी हो सकती है। ऐसे में ट्रेनों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। पिछले कुछ दिनों में बड़े पैमाने पर सोना चांदी, नशीला पाउडर, कछुआ और हथियार बरामद हुए हैं। जीआरपी को वर्तमान में ट्रेनों, प्लेटफार्मो पर गस्त तेज करने और संदिग्धों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। पीडीडीयू स्टेशन के खुले और असुरक्षित होने के मुद्दे पर कहा कि इसके लिए रेलवे के उच्चाधिकारियो से वार्ता की जा रही है। आरपीएफ और खुफिया विभाग की मदद से भी संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पेंडिंग मुकदमों और संदिग्ध मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले वह मंगलवार की शाम करीब छह बजे सड़क मार्ग से स्थानीय रेलवे स्टेशन पहुंचे। प्लेटफार्म संख्या दो पर जीआरपी कोतवाली के बाहर आईजी को गारद सलामी दी गई। आईजी ने गारद का निरीक्षण करने के बाद थाने का रख रखाव, साफ सफाई, बंदी गृह, कम्प्यूटर रूम आदि को देखा। अपराध रजिस्टर, मालखाना रजिस्टर, नील बुक आदि देखने के बाद अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का निर्देश दिया।
मालखाना निरीक्षण के दौरान पता चला कि मालखाना के प्रभारी रहे एक सुभाष चंद्र तिवारी के स्थानांतरण के बाद बिना चार्ज दिए प्रतापगढ़ के अंतू थाना चले गए हैं। इस पर आईजी ने तुरंत प्रतापगढ़ के एसपी से बात की और सुंभाष चंद्र तिवारी को ड्यूटी न देने और वेतन रोकने को कहा। बाद में आईजी प्रभारी निरीक्षक सहित अन्य निरीक्षक, एसआई से वार्ता की और सुरक्षा के लिए अधिक सतर्क होने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सीओ वीके श्रीवास्तव, जीआरपी पीडीडीयू निरीक्षक आरके सिंह, अतिरिक्त निरीक्षक राजेश कुमार, डीपी यादव, वसंत कुमार, गिरजा शंकर मौजूद रहे।