चंदौली। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन की ओर से बुधवार को सदर ब्लाक परिसर में बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। भंतेगण ने महात्मा बुद्ध के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरूआत की। विचार गोष्ठी के जरिए डा. अंबेडकर के व्यक्तित्व और भारतीय संविधान में उनके योगदान पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि सीआरपीएफ कमांडेंट रामलखन ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने अपनी कलम की ताकत से गरीब से गरीब व्यक्ति को भी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया। लोकतंत्र के सबसे मजबूत स्तंभ यानी जनता की ताकत को पहचान कर उसे मजबूती प्रदान की। वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्रा ने कहा कि बाबा साहेब केवल भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के सबसे बड़े महापुरुष थे। उन्होंने विश्व के सबसे बड़े संविधान यानी भारतीय संविधान का निर्माण किया जो आज भी विश्व रिकार्ड है। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया था। कहा कि डा. भीमराब अंबेडकर जीवन पर्यंत सामाजिक न्याय, बंधुत्व और भाईचारा के विचारों पर कार्य करते रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने डा. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर डा. सुभाष राम, गणेश प्रसाद, सुमनकांत, वंशराज, रामदिलास, एमलाल गौतम, रामकृत, मोतीलाल, धर्मेंद्र आदि रहे। अध्यक्षता महेंद्र कुमार और संचालन केपी राम ने किया।