मुग़लसराय। निकाय चुनाव की डुगडुगी धीरे-धीरे बजने लगी है। नेता चुनाव लड़ने के लिए बिसात बिछाने लगे हैं। वार्डों के आरक्षण की सूची जारी होने के बाद नगर पालिका चेयरमैन पद की आरक्षण की सूचना आ गई है । मुगलसराय सीट अनुसूचित जाति के खाते में गई है। 20 अक्तूबर तक आपत्ति मांगी गई।
धान के कटोरे का एक मात्र नगरपालिका इस बार चुनावी दृष्टि से सुर्खियों में है। इस बार वार्डों का परिसीमन बदला है। इसके बाद आरक्षण की प्रक्रिया से कई बार सदस्य बने लोगों के लिए इस बार समस्या आ गई है। इस बार चक्रमणीय तरीके से मुगलसराय नगरपालिका का चैयरमैन पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित घोषित किया गया है। पिछड़ी जाति बाहुल्य इस क्षेत्र में किसी भी दल में कद्दावर दलित नेता नही है अब तक हुए चुनाव में पिछड़े ही बाजी मारे है। जिसमें दो बार महिलाएं पद पर काबिज हुई हैं। अनुसूचित जाति के लिए पद का आरक्षण आने की सूचना से कई लोगों के सपने टूट चुके हैं। अब अन्य दलों में दलित नेताओं के खोज शुरू हो गई है। इस बार सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारेंगे। सीट के आरक्षण के दायरे में आने के साथ ही भाजपा में कई दावेदार सामने आने लगे है वही बसपा में पहले से कई नेता अंदर ही अंदर टिकट पाने के जुगत में लगे है । वहीं समाजवादी पार्टी में भी कई नेता अब टिकट पाने के लिए लग रहे है। कांग्रेस भी उम्मीदवार की खोज में लग गई है। 20 अक्टूबर तक इस आपत्ति मांगी गई है। अब तक एक अल्पसंख्यक, दो बार चौहान, दो बार जायसवाल चैयरमैन बने है।