कंदवा। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में धांधली रोकने और पारदर्शिता बरतने के लिए लगाई गईं ई-पॉस मशीनें सर्वर में गड़बड़ी के कारण राशन वितरण में बाधक बन गई हैं। यही नहीं, फिंगर प्रिंट मशीनें भी डब्बा साबित हो रही हैं। इसके चलते कोटेदारों के साथ उपभोक्ता भी परेशान हैं। सस्ते गल्ले की दुकानों में ई-पॉस मशीनों से राशन वितरण की व्यवस्था लागू की गई है। लाभार्थी की पहचान के लिए अंगूठा लगाना पड़ रहा है। हालांकि धांधली रोकने के लिए लागू की गई नई व्यवस्था सर्वर और नेटवर्क में गड़बड़ी के कारण असफल साबित हो रही है। राशन वितरण को लेकर कार्डधारकों व दुकानदारों के बीच आए दिन किचकिच होती है। कार्डधारकों का कहना है कि अंगूठा न लगने पर दुकानदार राशन नहीं देते। वहीं, ई-पॉस मशीन की वजह से सुबह से शाम हो जाती है और बिना राशन के लोगों को घर लौटना पड़ता है। मशीन के फिंगर प्रिंट स्कैन न कर पाने से राशन न मिलने पर उपभोक्ता कोटेदारों से लड़ने पर उतारू हो जाते हैं। अरंगी के कोटेदार बब्बन सिंह और मुड्डा के अक्षैबर गुप्ता का कहना है कि फिंगर प्रिंट स्कैन न करने व सर्वर डाउन होने के चलते काफी दिक्कत हो रही है। मशीन का दोष कार्डधारक उन पर उतार रहे हैं। उनका कहना है कि वितरण व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त कर पारदर्शी बनाने के लिए यह स्कीम तो अच्छी है लेकिन इसमें आवश्यक सुधार के लिए भी सरकार को प्रयत्न करना चाहिए।