चंदौली। सदर के कस्तुरबा बालिका विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय एल्मुलीन मीट कार्यक्रम को समापन बुधवार को समारोह पूर्वक हुआ। इसमें पूर्व छात्राओं ने विद्यालय में गुजारे हुए अपने अनुभवों को साझा किया और गहना से पठन पाठन के लिए अध्ययनरत छात्राओं को सुझाव दिया। वहीं शिक्षिकाओं ने किताबी ज्ञान के अलावा सामाजिक गुणों को धारण करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी वार्डेन रंजना पटेल ने कहा कि भूतपूर्व छात्राएं वर्तमान छात्राओं से अपना अनुभव साझा करती है तथा आपसी सामन्जस्य बनाती है। कहा कि पूर्व छात्राओं के द्वारा पेंटिग, चार्ट पेपर पर मेंहदी की डिजाइन, बाल-अखबार, फोटोफ्रेम, विषय से जुडी जानकाररियों को अपने जूनियर छात्राओं साझा करना चाहिए। जिससे उनके ज्ञान में बढ़ोत्तरी हो सके। इसके अलावा छात्राओं ने घरेलु हिसा, बाल-विवाह, स्वच्छता पर नाट्य मंचन किया। अंत में सभी को उपहार देकर विदा किया गया।
चंदौली(ब्यूरो)। स्वदेशी की सबसे बड़ी सौगात और मिशाल के रुप में खादी को ही माना जाता है। इस कड़ी को आगे बढ़ाने महात्मा गांधी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उक्त बातें भाजपा के काशी प्रांत के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बुधवार को मुख्यालय स्थित खादी इंडिया एक प्रतिष्ठान के उद्घाटन करने के बाद कहा।
कहा कि खादी वस्त्र स्वदेशी का सबसे बड़ा अस्त्र है। खादी वस्त्र बुनकरों व गरीबों के लिए रोजगार का साधन है। पूर्व में खादी बनाने का कारखाना हाथ के बनाये चरखे पर आधारित था। लेकिन आज सौर उर्जा के माध्यम से चरखे को चलाया जा रहा है। यह रोजगार का उत्तम साधन है। संस्था के संचालक चंद्रिका पांडेय ने सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर संयुक्त निदेशक राम बहादुर सिंह, क्षमानंद मिश्रा, जिलाध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा, राजन राय, संजय सिंह, डा. धनंजय सिंह, गनपत राय, अवध कुमार सिंह, रवींद्र नाथ सिंह, बेचूराम, महेन्द्र राय, बृजेश चन्द्र श्रीवास्तव, धीरेंद्र सिंह उपस्थित रहें।
चंदौली। बाबरी विध्वंस की बरसी पर छह दिसंबर को जनपद का पुलिस महकमा सतर्क दिख रहा है। इस दौरान जिले में शौर्य दिवस व काला दिवस के नाम पर किसी भी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे और ना ही किसी भी तरह के जुलूस को ही निकालने की अनुमति होगी। सभी थानों की पुलिस को मुस्तैद रहने की के निर्देश एसपी संतोष कुमार सिंह ने दिए है। पुलिस अफसरों की बातें तो जिले में धारा-144 लागू है जिसका पूर्णत: पालन होगा। यदि कोई भी व्यक्तियों का समूह या संगठन इसका उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके विरूद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही तय है। विदित हो कि छह दिसंबर को अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद का विध्वंस किया गया। इस दिन जहां एक खेमा इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाता है, वहीं दूसरी वर्ग के लोग काला दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। चुनावी वर्ष में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर चल रही गतिविधियों से सूबे का पुलिस महकमा काफी सतर्क दिख रहा है। ऐसे में छह दिसंबर को शांति व्यवस्था बनांए रखना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। अबकी बार शांति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की खलल न पड़े। इसके लिए पुलिस महकमे ने बाबरी विध्वंस से जुड़े किसी भी कार्यक्रम आयोजित होने नहीं देगा। न तो शौर्य दिवस पर जुलूस निकाले जाएंगे और ना ही काली दिवस के नाम पर किसी भी संगठन को बैठक, गोष्ठी या सभा करने की अनुमति होगी। जनपद के सभी थानों की पुलिस फोर्स अपने-अपने इलाके में मुस्तैद रहेगी। यदि किसी भी तरह की गतिविधियां होती हुई पायी गयी, उसे फौरन रोका जाएगा और उसके लिए जिम्मेदार लोगों व संगठन के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही होगी। इस बाबत पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जनपद के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि धारा-144 का पूर्णत: पालन कराएं। किसी भी धार्मिक या राजनीतिक संगठन जुलूस नहीं निकालेंगे। इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्यवाही होगी।