चंदौली। राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट जिला इकाई की बैठक मुख्यालय स्थित कैंप कार्यालय में हुई। इसमें रसोइयों ने मानदेय समेत अन्य प्रमुख मांगों को लेकर 14 नवंबर से लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति बनाई।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकारी स्कूलों में मध्याह्न को पकाने वाली रसोइयां आज आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं। प्रत्येक वर्ष संविदा नवीनीकरण के नाम पर रसोइयों को डराया धमकाया जाता है। ग्राम प्रधानों द्वारा बेसहारा व लाचार गरीब महिलाओं को रसोइया पद से हटा दिया जाता है, जो पूरी तरह गलत है। सरकार प्रत्येक वर्ष संविदा नवीनीकरण की व्यवस्था को समाप्त करे, ताकि रसोइयों का शोषण रुक सके। कहा कि सम्मानजनक मानदेय की मांग रसोइयां लंबे समय से कर रही हैं, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर मौन बनी हुई है। बच्चों कोे मध्याह्न भोजन परोसने वाली रसोइयां आर्थिक तंगी के कारण खुद का पेट भरने में नाकाम साबित हो रही है। कहा कि जनपद की सभी रसोइयों मिड-डे-मील का काम ठप कर 14 नवंबर से लखनऊ में राष्ट्रीय अध्यक्ष रणधीर सिंह व संस्थापिका चमेली देवी के नेतृत्व में तीन दिवसीय आंदोलन को मजबूती देने का काम करेंगी। इस अवसर पर लल्लन खरवार, राकेश कुमार, कौशिल्या, इंद्रकला, शारदा देवी, सुनीता आदि उपस्थित रहे।