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बाढ़ क साथ कटान से भयभीत हैं गंगा के तटवर्ती इलाके के लोग

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टांडाकला। पहाड़ों पर हो रही बारिश की वजह से गंगा के जलस्तर में प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार वृद्धि हो रही हैं। 24 घंटे में 24 सेमी पानी बढ़ा है। बढ़ाव के साथ ही गंगा कटान जारी है। चहनियॉ व टांडाकला इलाके में बीस गांव कटान की चपेट में है। जिससे लेकर किसानों में भय है।
केंद्रीय जल बोर्ड के अनुसार शुक्रवार की शाम पांच बजे गंगा का जल स्तर 53.050 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर पर है। करीब एक महीने से गंगा के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव को लेकर जिला प्रशासन के साथ ही तटवर्ती लोगों की भी बेचैनी बढ़ गई है। गंगा नदी में पिछले साल आई बाढ़ की तबाही झेल चुके लोग इस बार भी सहमे हुए हैं। गंगा नदी का दबाव सबसे ज्यादा सरौली, बड़गॉवा, भूसौला, हसनपुर ,तिरगॉवा,महमदपुर,सरौली के बीच होता है।
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तिरगॉवा और हसनपुर गांव की निषाद बस्ती गंगातट पर है। कटान की वजह से बस्ती के लोग परेशान हैं। कुछ इलाकों में नदी के किनारे बसे लोग अब सुरक्षित इलाकों की तरफ जाने लगे हैं। नदी में बाढ़ का पानी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। गंगा नदी का पानी नीचे नीचे ही मिट्टी को काट देता है और फिर नदी का किनारा नदी में समा जाता है। गंगा नदी रोजाना हसनपुर गांव कें आबादी की तरफ बढ़ रही है। शुक्रवार की रात कटान से गंगा तट पर स्थित उमाशंकर निषाद का रिहायसी मकान का एक कोना जमीन के साथ गंगा में समाहित हो गया। इससे निषाद बस्ती के लोगों में भय है। गंगा का पानी अब आबादी तक पहुंचने वाला है। क्षेत्र के शिवशंकर यादव, डॉ. शिव प्रकाश सिंह, आनंद तिवारी सोनू, कमलेश यादव, बंगाली यादव, मृत्युंजय पांडेय, संदीप यादव, अजय यादव गुड्डू ने बताया कि नदी के कटान को देखते हुए यही लग रहा है कि खतरा सिर पर आ चुका है। हम लोगों को इस तरह के दृश्य से अब डर लगने लगा है।


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