टांडाकला। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बने मिनी सचिवालयों की बात को बीडीओं चहनिया ने गंभीरता से लिया है। उन्होने सचिवालयों के रंग रोगन और अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार गांव में लोगों की समस्याओं को सुनने का निर्देश जारी किया। साथ ही सरकारी योजनाओं को सचिवालय की दिवारों को लिखवाने का आदेश दिया है। 10 मई को सचिलयों की बदहाली की खबर को उमर उजाला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में लाखों रूपये खर्च करके पंचायत भवन व मिनी सचिवालयों का निर्माण कराया गया है। ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने व ग्रामीण जनता की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण करने के लिए सचिवों व लेखपालों के ठहराव का आदेश जारी हुआ था। आदेश के बावजूद कोई भी सचिव और अन्य कर्मचारी कभी भी गांवों की ओर रुख नही किया। जिसके कारण गांवों में बने पंचायत भवन व मिनी सचिवालय उपेक्षित होकर बदहाली के कगार पर पहुंच चुके हैं। ग्रामीण जनता अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए परेशान होकर ब्लाक मुख्याल का चक्कर काट रहे है। थी। इस मामले को अमर उजाला ने अपने 10 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर को संग्यान में लेते हुए डीएम ने खंड बिकास अधिकारी विजय कुमार जायसवाल को निर्देश देकर रोस्टर के आधार पर ड्यूटी लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को ब्लाक मुख्यालय के बजाय गांवों में रहकर जन समस्याओं को सुनने व उनको निस्तारित करने का आदेश जारी किया है। साथ ही उनका ठहराव सुनिश्चित कराने के लिए एडीओ स्तर के अधिकारियों को सेक्टर प्रभारी भी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में खंड बिकास अधिकारी ने बताया कि वाल राइटिंग हो जाने से ब्लाक आने वाले ग्रामीणों को अपने सचिवों के मिलने के समय व स्थान की जानकारी हो जायेगी। साथ ही शासन की ओर से संचालित योजनाओं को सही दिशा में क्रियान्वयन हो सकेगा।