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ट्यूबवेल खराब, पांच गावों में पेयजल की समस्या

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नियामताबाद। क्षेत्र के कठौरी गांव में जल निगम की टंकी से चार दिन से पेयजल की आपूर्ति ठप है। इससे कठौरी सहित नरैना, रोहड़ा, धपरी, घूरो में पेयजल के लिए हहाकार मचा है। गांव में लगे आधे से अधिक हैंडपंप और कुएं पानी विहिन है। पेयजल के लिए ग्रामीण निजी हैंडपंपों पर आश्रित है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की समस्या के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाया गया, लेकिन जल निगम टंकी से पेयजल की आपूर्ति शुरु नहीं किया गया। क्षेत्र के रोहड़ा, धपरी, नरैना और घूरो गांवों में कठौरी स्थित जल निगम की टंकी से पेयजल की आपूर्ति होती है, लेकिन ट्यूबवेल का वाल्ब खराब होने से चार दिन से पानी की आपूर्ति ठप है। वहीं इन गांवों में लगे सरकारी हैंडपंपों की स्थिती भी दयनीय है। आधे से अधिक हैंडपंप गर्मी के मौसम में खराब पड़े हैं तथा कुओं का पानी भी काफी नीचे चला गया है। इससे इन गांवों में पेयजल के लिए दिक्कत हो गई है। गांव के राकेश कुमार, अजीत, रामाश्रय, मोहन यादव, गुलाब, चंद्रकिशोर ने बताया कि गांव में 85 हैंडपंप लगे हैं, इसमें दस खराब हैं। ऐसे में पेयजल के लिए लोग निजी हैंडपंपों के सहारे काम चला रहे है। वहीं जल निगम के अधिकारियों से ट्यूबवेल की मरम्मत के लिए भी गुहार लगाया गया, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते ग्रामीणों को पेयजल के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। कमोबेस आस पास के अन्य गांवों में पानी के लिए त्राहि त्राहि मची है। नरैना गांव की आबादी 1348 है, यहां कुल बीस हैंडपंप लगे हैं, इसमें तीन खराब है। गांव में तीन कूंआ है लेकिन इसमें एक खराब है। रोहड़ा गांव की आबादी 35 सौ है, यहां 15 हैंडपंप में तीन खराब हैं, जबकि चार कुंआ में एक खराब है। धपरी की आबादी सात हजार है, यहां 80 हैंडपंप में 25 खराब है। घूरो गांव की आबादी दो हजार है, इसमें 22 हैंडपंप में दस खराब हैं। गांव के लोगों ने जिलाधिकारी से हैंडपंपों को ठीक कराने और पेयजल आपूर्ति की मांग की है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राजन राय ने बताया कि हल्के फुल्के खराब हैंडपंपों को मरम्मत किया जा रहा है, रिबोर लायक हैंडपंपों की कार्ययोजना तैयार की गई है।
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